विनेश फोगाट की हिम्मत बरकरार, WFI के नोटिस के बावजूद जारी रखेगी अपनी लड़ाई
विनेश फोगाट का मजबूत इरादा
नई दिल्ली: रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) द्वारा जारी किए गए कड़े कारण बताओ नोटिस के बावजूद, भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट का हौसला कम नहीं हुआ है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक प्रेरणादायक पोस्ट के माध्यम से यह स्पष्ट किया है कि वह अपनी लड़ाई जारी रखेंगी। विनेश ने कहा कि भले ही उनकी जिंदगी कठिनाइयों में फंसी हो और लोग उनके चरित्र में कमियां निकालते रहें, लेकिन उन्होंने हमेशा अपने सिर को ऊंचा रखा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी चुनौती में इतनी ताकत नहीं है कि वह उन्हें झुका सके। इस बयान से यह स्पष्ट है कि वह फेडरेशन की कार्रवाई के बावजूद पीछे हटने का कोई इरादा नहीं रखतीं।
WFI द्वारा अनुशासनहीनता के आरोप
कुश्ती महासंघ ने विनेश फोगाट को 15 पन्नों का कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जिसमें उन पर अनुशासनहीनता और एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। इस सख्त कार्रवाई के चलते, विनेश को 26 जून तक किसी भी घरेलू टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया है। WFI का कहना है कि पेरिस ओलंपिक विवाद के दौरान विनेश के कार्यों ने भारतीय कुश्ती की छवि को गंभीर नुकसान पहुंचाया है और उन्होंने डब्ल्यूएफआई के संविधान और एंटी-डोपिंग गाइडलाइंस का उल्लंघन किया है।
वापसी के नियमों में बाधा
इस विवाद का एक बड़ा मुद्दा संन्यास से वापसी के नियमों से जुड़ा है। WFI ने नोटिस में बताया है कि विनेश ने यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) के एंटी-डोपिंग नियमों के तहत संन्यास से वापसी के लिए आवश्यक छह महीने की नोटिस अवधि को पूरा नहीं किया है। इस नियम की अनदेखी के कारण, दो बार की विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता को अपनी आधिकारिक वापसी के लिए लंबा इंतजार करना होगा।
पेरिस ओलंपिक का सपना
साल 2024 में पेरिस ओलंपिक के फाइनल से पहले, अधिक वजन के कारण विनेश फोगाट को अयोग्य घोषित कर दिया गया था। इस झटके के बाद, उन्होंने कुश्ती से संन्यास लेने का निर्णय लिया था। हालांकि, देश के लिए पदक जीतने की चाह में, उन्होंने हाल ही में मैट पर लौटने की घोषणा की थी। विनेश की योजना गोंडा में शुरू हो रहे नेशनल ओपन रैंकिंग इवेंट के जरिए वापसी करने की थी, लेकिन महासंघ की पाबंदी ने उनके सपनों पर पानी फेर दिया है।