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वैभव सूर्यवंशी की ऐतिहासिक पारी ने राजस्थान रॉयल्स को दिलाई जीत

आईपीएल 2026 के एलिमिनेटर में वैभव सूर्यवंशी ने 29 गेंदों में 97 रन बनाकर राजस्थान रॉयल्स को सनराइजर्स हैदराबाद पर 47 रनों से जीत दिलाई। इस युवा खिलाड़ी ने कई रिकॉर्ड अपने नाम किए, जिसमें एक सीज़न में सबसे अधिक छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी शामिल है। मैच के बाद, उन्होंने अपनी बल्लेबाजी के बारे में दिल छूने वाली बातें साझा कीं। जानें इस रोमांचक मैच के बारे में और वैभव की उपलब्धियों के बारे में।
 

राजस्थान रॉयल्स की शानदार जीत

वैभव सूर्यवंशी : आईपीएल 2026 का एलिमिनेटर मैच बुधवार को न्यू चंडीगढ़ में आयोजित हुआ, जिसमें राजस्थान रॉयल्स ने सनराइजर्स हैदराबाद को 47 रनों से हराया। इस जीत के साथ हैदराबाद का इस सीजन का सफर समाप्त हो गया, जबकि राजस्थान ने क्वालीफायर में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली। हालांकि, इस मैच में सबसे ज्यादा चर्चा 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी की शानदार बल्लेबाजी की रही।


दरअसल, सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ इस नॉकआउट मुकाबले में राजस्थान की जीत में वैभव का योगदान सबसे महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने 29 गेंदों में 97 रनों की शानदार पारी खेलकर सभी का दिल जीत लिया। इस दौरान, इस युवा खिलाड़ी ने कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। वैभव अब एक आईपीएल सीज़न में सबसे अधिक 65 छक्के लगाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं, जो पहले क्रिस गेल के नाम था, जिन्होंने 2012 में 59 छक्के लगाए थे।


इसके अलावा, वैभव ने आईपीएल के एक सीज़न में किसी अनकैप्ड बल्लेबाज़ द्वारा सबसे अधिक 680 रन बनाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया है। इससे पहले यह रिकॉर्ड 2023 में उनके साथी यशस्वी जयसवाल के पास था, जिन्होंने 625 रन बनाए थे। आईपीएल नॉकआउट/प्लेऑफ़ में एक पारी में सर्वाधिक 12 छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी अब सूर्यवंशी के नाम है। हालांकि, वह क्रिस गेल के सबसे तेज आईपीएल शतक के रिकॉर्ड से 3 रन दूर रह गए। आउट होने के बाद वैभव काफी निराश नजर आए, लेकिन स्टेडियम में मौजूद दर्शकों और सभी खिलाड़ियों ने उनका हौसला बढ़ाया।


दिल को छू लेने वाली बातें


मैच के बाद वैभव सूर्यवंशी को 'प्लेयर ऑफ द मैच' का पुरस्कार दिया गया। जब उनसे पूछा गया कि जिस गेंद पर वह आउट हुए, क्या उस समय उन्हें किसी रिकॉर्ड के बारे में पता था, तो उन्होंने कहा, "मुझे आउट होने के बाद ही उस रिकॉर्ड के बारे में जानकारी मिली। उस समय मेरा ध्यान सिर्फ इस बात पर था कि मैं टीम के लिए अधिकतम योगदान दूं, क्योंकि शतक तो बनते रहेंगे, लेकिन हमारा मुख्य ध्यान ट्रॉफी जीतने पर है। अगर मुझे किसी चीज में दिक्कत होती है, तो मैं उस पर काम करता हूँ। मैं इस बारे में नहीं सोचता कि विरोधी टीम क्या योजना बना रही है—वह उनकी रणनीति है। मैं अपनी रणनीति पर ध्यान केंद्रित करता हूँ और अपने स्वाभाविक खेल को खेलने की कोशिश करता हूँ।"