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वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी में बनाया नया रिकॉर्ड

युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी में एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। उन्होंने सेंट्रल जोन के खिलाफ 42 गेंदों में अर्धशतक बनाकर सबसे कम उम्र में यह उपलब्धि हासिल की। महज 15 साल और 157 दिन की उम्र में, उन्होंने 57 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। पहले मैच में सीमित प्रदर्शन के बावजूद, वैभव ने आक्रामकता से खेलते हुए 92 रन बनाए। जानें उनके इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के बारे में।
 

नई दिल्ली: युवा बल्लेबाज का ऐतिहासिक प्रदर्शन

युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी ने अपनी शानदार बल्लेबाजी से एक नया इतिहास रच दिया है। दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन की टीम से खेलते हुए, उन्होंने सेंट्रल जोन के खिलाफ केवल 42 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। इस उपलब्धि के साथ, वह इस टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। वैभव ने यह कारनामा महज 15 साल और 157 दिन की उम्र में किया, जिससे उन्होंने 57 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया।


पहले मैच में सीमित प्रदर्शन

दलीप ट्रॉफी के इस सीजन में वैभव सूर्यवंशी ईस्ट जोन का हिस्सा हैं। उनकी टीम ने पहले मैच में नॉर्थ ईस्ट जोन को हराया, लेकिन इस मैच में वैभव केवल 8 रन बना सके। हालांकि, उन्होंने गेंदबाजी में अच्छा प्रदर्शन करते हुए दो विकेट लिए। ईस्ट जोन ने यह मैच पारी से जीत लिया, जिसके कारण वैभव को दूसरी पारी में बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला।


सेंट्रल जोन के खिलाफ आक्रामक खेल

ईस्ट जोन का अगला मुकाबला सेंट्रल जोन से हुआ, जिसमें सेंट्रल जोन ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 266 रन बनाए। इसके जवाब में, वैभव सूर्यवंशी और अभिमन्यु ईश्वरन ने पारी की शुरुआत की। वैभव ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए महज 42 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जिसमें एक छक्का भी शामिल था। इस दौरान उन्हें दो जीवनदान भी मिले।


57 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा

अर्धशतक पूरा करते ही वैभव ने दलीप ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में 50 रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड लक्ष्मण सिंह के पास था, जिन्होंने 1969 में 16 साल 23 दिन की उम्र में अर्धशतक बनाया था। इस सूची में तीसरे स्थान पर पीयूष चावला हैं, जिन्होंने 2005 में 16 साल 307 दिन की उम्र में अर्धशतक बनाया।


शतक से चूके, लेकिन शानदार पारी

अर्धशतक के बाद भी वैभव ने अपनी आक्रामकता जारी रखी, लेकिन वह शतक से केवल 8 रन दूर रह गए। उन्होंने 79 गेंदों पर 92 रन बनाए, जिसमें 7 चौके और 7 छक्के शामिल थे। उन्होंने 116.46 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। एक और छक्का लगाने की कोशिश में वैभव अपना विकेट गंवा बैठे और इस तरह दलीप ट्रॉफी में अपना पहला शतक लगाने से चूक गए।