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वैभव सूर्यवंशी ने प्लेइंग इलेवन से बाहर होने पर जताई अपनी राय

15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ अपने टी20 डेब्यू के बाद प्लेइंग इलेवन से बाहर होने पर अपनी राय साझा की। उन्होंने पिछले चार महीनों में आए उतार-चढ़ाव के बावजूद अपने आत्मविश्वास को बनाए रखा है। वैभव ने कहा कि उनका ध्यान अपनी प्रक्रिया पर है और वह टीम के लिए 100 प्रतिशत देने के लिए तैयार हैं। हरारे में होने वाली भारत-जिम्बाब्वे टी20 सीरीज उनके लिए खास है, क्योंकि इसी मैदान पर उन्होंने अंडर-19 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन किया था। जानें उनके अनुभव और क्रिकेट के प्रति उनके जुनून के बारे में।
 

नई दिल्ली में वैभव का आत्मविश्वास


नई दिल्ली. इंग्लैंड के खिलाफ अपने टी20 डेब्यू के बाद, 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने अपनी प्लेइंग इलेवन से बाहर होने के अनुभव पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि पिछले चार महीनों में उनके करियर में कई उतार-चढ़ाव आए हैं, लेकिन उनका आत्मविश्वास अब भी मजबूत है। जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मैच से पहले, वैभव ने कहा कि उनका ध्यान पूरी तरह से अपनी प्रक्रिया पर है और वह टीम के लिए 100 प्रतिशत देने के लिए तैयार हैं।


उतार-चढ़ाव का सामना

वैभव सूर्यवंशी ने कहा, "पिछले चार महीनों में कई उतार-चढ़ाव आए हैं। यह क्रिकेट का हिस्सा है और आगे भी ऐसा होता रहेगा। मुझे अपनी प्रक्रिया पर भरोसा रखना है और टीम के लिए अपना 100 प्रतिशत देना है।"


IPL से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक का सफर


IPL 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद, वैभव ने भारतीय टीम में जगह बनाई। उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए टी20 टीम में शामिल किया गया। हालांकि, आयरलैंड के खिलाफ डेब्यू का मौका नहीं मिला, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में खेले गए टी20 में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा। इस मैच के साथ, वह भारत के सबसे युवा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बन गए और सचिन तेंदुलकर का पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया।


टीम मैनेजमेंट की आलोचना

हालांकि, शुरुआती चार मैचों में उनका प्रदर्शन उम्मीद के अनुसार नहीं रहा। अंतिम टी20 में संजू सैमसन की वापसी के कारण उन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर बैठना पड़ा। भारत को उस सीरीज में 0-4 से हार का सामना करना पड़ा, जिसके चलते वैभव को बाहर करने के निर्णय पर टीम प्रबंधन की आलोचना हुई। वैभव ने कहा कि कठिन समय में कोचिंग स्टाफ ने उनका पूरा समर्थन किया। उन्होंने कहा, "मुझे जो भी मार्गदर्शन चाहिए, कोच उपलब्ध करा रहे हैं। जिस तरह की प्रैक्टिस की जरूरत होती है, वह भी मिल रही है। मैं अच्छा महसूस कर रहा हूं और आत्मविश्वास भी बना हुआ है।"


हरारे का विशेष महत्व

भारत-जिम्बाब्वे टी20 सीरीज हरारे में खेली जाएगी, जो वैभव के लिए खास है। इसी मैदान पर चार महीने पहले उन्होंने भारत को अंडर-19 विश्व कप जिताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने 80 गेंदों में 175 रन की शानदार पारी खेली थी। उन्होंने कहा, "यह मैदान मेरे लिए बेहद यादगार है। चार महीने पहले हमने यहां अंडर-19 विश्व कप जीता था। भारत का प्रतिनिधित्व करना हर खिलाड़ी का सपना होता है। उसी मैदान पर फिर से भारत के लिए खेलना मेरे लिए बेहद खास एहसास है।"