वोजिन्हा: 40 साल की उम्र में FIFA वर्ल्ड कप में चमकने वाला गोलकीपर
फुटबॉल की दुनिया में एक नया सितारा
फुटबॉल की दुनिया में कई बार ऐसे खिलाड़ी सामने आते हैं जिन्हें कोई नहीं जानता, लेकिन एक रात में वे सभी की जुबान पर चढ़ जाते हैं। FIFA वर्ल्ड कप 2026 में केप वर्डे के गोलकीपर वोजिन्हा के साथ भी ऐसा ही हुआ। उन्होंने स्पेन जैसी मजबूत टीम को रोककर एक ऐतिहासिक पल बनाया।
वोजिन्हा का परिचय
जोसिमार होजे एवोरा डायस, जिन्हें वोजिन्हा के नाम से जाना जाता है, का जन्म केप वर्डे के मिंडेलो शहर में हुआ। उन्होंने अपने फुटबॉल करियर की शुरुआत साधारण तरीके से की और केप वर्डे, मोल्दोवा, रोमानिया, साइप्रस और पुर्तगाल जैसे देशों में खेलते हुए अपनी पहचान बनाई। यह सफर बड़े क्लबों की चमक से दूर, मेहनत और लगन का था। वे 2012 से केप वर्डे की राष्ट्रीय टीम का हिस्सा हैं और अब तक 90 से अधिक मैच खेल चुके हैं। इस वर्ल्ड कप से पहले, वे पुर्तगाली क्लब चावेस के लिए खेल रहे थे। लगभग 15 साल के अंतरराष्ट्रीय अनुभव के बावजूद, यह वर्ल्ड कप उनके लिए पहला था।
स्पेन के खिलाफ ऐतिहासिक मुकाबला
Unbelievable save from Vozinha 🇨🇻 pic.twitter.com/A0yAMlIcjg
— Gooner Chris (@ArsenalN7) June 15, 2026
अटलांटा में ग्रुप H के मैच में स्पेन का दबाव पूरे खेल में बना रहा। फेरान टोरेस ने क्रॉसबार पर शॉट मारा और मिकेल ओयारजाबाल का हेडर भी आया, लेकिन वोजिन्हा ने दोनों को रोक दिया। दूसरे हाफ में टोरेस और एमरिक लापोर्टे ने भी गोल करने की कोशिश की, लेकिन अनुभवी गोलकीपर ने उन्हें निराश किया। यहां तक कि युवा स्टार लैमिन यमल के मैदान में आने के बाद भी स्पेन कोई गोल नहीं कर सका। मैच 0-0 पर समाप्त हुआ और वोजिन्हा ने कुल सात सेव किए।
40 साल की उम्र में मिली पहचान
इस एक मैच ने वोजिन्हा की जिंदगी को बदल दिया। मैच के कुछ घंटों बाद उनके इंस्टाग्राम फॉलोअर्स की संख्या लगभग 50,000 से बढ़कर 31 लाख से अधिक हो गई। 40 साल की उम्र में वर्ल्ड कप में पदार्पण करके, वे इतिहास के दूसरे सबसे उम्रदराज डेब्यूटेंट बन गए। उनसे पहले केवल मिस्र के एस्साम अल-हदारी हैं, जिन्होंने 2018 में 45 साल की उम्र में खेला था। जिस उम्र में अधिकांश खिलाड़ी अपने बूट टांग देते हैं, वोजिन्हा ने दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल मंच पर अपनी पहचान बनाई।