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शिमला में पोलियो अभियान: पहले दिन 50,454 बच्चों को मिली खुराक

हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में रविवार को राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का सफलतापूर्वक आरंभ हुआ, जिसमें 50,454 बच्चों को पोलियो रोधी खुराक दी गई। स्वास्थ्य विभाग ने 704 बूथ स्थापित किए, और पर्यटकों के बच्चों के लिए विशेष व्यवस्था की गई। स्थानीय कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से इस अभियान को और भी जीवंत बनाया। अभियान का उद्देश्य पोलियो मुक्त भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाना है। आगे जानें इस अभियान की विशेषताएँ और भविष्य की योजनाएँ।
 

पोलियो अभियान का सफल आरंभ

शिमला - हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में रविवार को राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के पहले दिन 50,454 बच्चों को पोलियो रोधी खुराक (ओपीवी) दी गई।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिले में दवा पिलाने के लिए 704 बूथ स्थापित किए गए थे। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग के अलावा अन्य सरकारी संस्थाएं, स्वयंसेवी संगठन और आम जनता ने सक्रिय भागीदारी की।


पर्यटकों के बच्चों के लिए विशेष व्यवस्था

पर्यटकों के बच्चों की सुविधा के लिए शोघी पुलिस बैरियर पर एक विशेष ओपीवी बूथ स्थापित किया गया था। यहाँ पर्यटकों को ले जाने वाली बसों और अन्य वाहनों को रोककर बच्चों को पोलियो की खुराक दी गई। इस दौरान स्थानीय कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें पर्यटकों ने सराहा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. यशपाल रांटा ने बताया कि चिकित्सा अधिकारियों, स्वास्थ्य कर्मियों, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, पर्यवेक्षकों, स्वयंसेवकों, पुलिस और स्थानीय निकायों ने मिलकर अभियान को सफल बनाया। उन्होंने कहा कि पहले दिन मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया कर्मचारियों के आपसी तालमेल और माता-पिता में बढ़ती जागरूकता को दर्शाती है।


खुराक देने वाले स्वास्थ्य ब्लॉकों का विवरण

जिले में सबसे अधिक 8,166 बच्चों को माशोबरा स्वास्थ्य ब्लॉक में पोलियो की खुराक दी गई। इसके बाद नेरवा में 7,771, शिमला शहरी में 6,886, कोटखाई में 5,426, मटियाना में 5,166, रामपुर में 5,014, टिकर में 3,773, चिड़गांव में 3,130, कुमारसैन में 2,065, सुन्नी में 1,928 और नानखड़ी में 1,129 बच्चों को दवा पिलाई गई। डॉ. रांटा ने बताया कि यह अभियान 29 और 30 जून को भी जारी रहेगा। इस दौरान स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को पोलियो की खुराक देंगी जो पहले दिन बूथ पर नहीं पहुंच पाए थे। उन्होंने माता-पिता से स्वास्थ्य टीमों का सहयोग करने की अपील की है ताकि देश को पोलियो मुक्त बनाए रखा जा सके।