सर्वेश कुशारे: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के पहले हाई जंपर बने सिल्वर मेडलिस्ट
भारतीय एथलेटिक्स को मिली नई पहचान
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय एथलेटिक्स ने एक नई उपलब्धि हासिल की है। महाराष्ट्र के सर्वेश कुशारे ने हाई जंप में 2.25 मीटर की छलांग लगाकर ऐतिहासिक सिल्वर मेडल जीता। हालांकि, वह स्वर्ण पदक से चूक गए, लेकिन वह इस प्रतियोगिता में भारत के लिए पदक जीतने वाले पहले हाई जंपर बने हैं। साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचने वाले सर्वेश की कहानी मेहनत और दृढ़ संकल्प की मिसाल है।
सर्वेश कुशारे का परिचय
सर्वेश कुशारे का जन्म 17 जून 1995 को महाराष्ट्र के नासिक जिले के देवगांव में एक साधारण परिवार में हुआ। उनके पिता किसान हैं और प्याज की खेती करते हैं। बचपन से ही खेलों में रुचि रखने वाले सर्वेश ने आर्थिक चुनौतियों के बावजूद हाई जंप को अपना लक्ष्य बनाया।
प्रैक्टिस की अनोखी कहानी
हाई जंप के लिए आवश्यक मैट की कमी के कारण, सर्वेश के पिता ने खेतों से निकले मक्के के छिलकों और कपास का उपयोग करके एक गद्दा बनाया। इसी पर गिरकर सर्वेश ने लंबे समय तक अभ्यास किया। कठिनाइयों में की गई यह मेहनत उनकी सबसे बड़ी ताकत बन गई है।
सेना में मिली नई दिशा
2016 में खेल कोटे से भारतीय सेना में नायब सूबेदार के रूप में नियुक्ति के बाद, सर्वेश के करियर ने एक नई दिशा ली। सेना में उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और अनुभवी प्रशिक्षकों का सहयोग मिला, जिसने उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का आत्मविश्वास दिया।
रिकॉर्ड्स की ओर बढ़ते कदम
सर्वेश ने 2.31 मीटर की छलांग लगाकर भारत का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया और 2.30 मीटर की ऊंचाई पार करने वाले पहले भारतीय हाई जंपर बने। मोनाको डायमंड लीग 2026 में उन्होंने 2.26 मीटर की छलांग लगाकर तीसरा स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा, एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2023 में भी उन्होंने रजत पदक जीता।
कॉमनवेल्थ में ऐतिहासिक सफलता
ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सर्वेश ने 2.25 मीटर की छलांग लगाई। वह स्वर्ण पदक से मामूली अंतर से चूक गए, लेकिन सिल्वर मेडल जीतकर उन्होंने इतिहास रच दिया। यह उपलब्धि भारतीय एथलेटिक्स के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है और उनकी सफलता आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।