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साउथ अफ्रीका का फीफा वर्ल्ड कप 2026 में सफर समाप्त, कोच ने दी प्रतिक्रिया

साउथ अफ्रीका का फीफा वर्ल्ड कप 2026 में सफर कनाडा के खिलाफ हार के साथ समाप्त हो गया। कोच ह्यूगो ब्रूज ने टीम की पहली बार नॉकआउट स्टेज में पहुंचने की उपलब्धि पर गर्व जताया। उन्होंने हार के बावजूद खिलाड़ियों की मेहनत की सराहना की और भविष्य के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण रखा। एसएएफए के अध्यक्ष डॉ. डैनी जॉर्डन ने भी टीम के प्रदर्शन की प्रशंसा की। जानें इस हार के बाद कोच और अध्यक्ष ने क्या कहा।
 

साउथ अफ्रीका का वर्ल्ड कप सफर खत्म

लॉस एंजिल्स: साउथ अफ्रीका का फीफा वर्ल्ड कप 2026 में सफर राउंड ऑफ 32 में कनाडा के खिलाफ हार के साथ समाप्त हो गया। इस हार के साथ ही टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई है। साउथ अफ्रीका के मुख्य कोच ह्यूगो ब्रूज ने हार के बाद अपनी निराशा व्यक्त की, लेकिन उन्होंने टीम की पहली बार नॉकआउट स्टेज तक पहुंचने को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।


कोच की प्रतिक्रिया

ह्यूगो ब्रूज ने कहा कि हार से निराशा तो हुई है, लेकिन उनकी टीम को गर्व होना चाहिए कि वह पहली बार वर्ल्ड कप के नॉकआउट स्टेज में पहुंची। उन्होंने कहा कि टूर्नामेंट से पहले किसी ने भी साउथ अफ्रीका के इस स्तर तक पहुंचने की उम्मीद नहीं की थी। साउथ अफ्रीका का अभियान चुनौतीपूर्ण रहा, जिसमें पहले मैच में मेक्सिको से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बाद चेकिया के खिलाफ ड्रॉ खेला और कोरिया को 1-0 से हराकर राउंड ऑफ 32 में जगह बनाई।


कनाडा के खिलाफ मुकाबला

कनाडा के खिलाफ मुकाबला बेहद करीबी रहा, लेकिन अंतिम समय में स्टीफन यूस्टाकियो के गोल ने साउथ अफ्रीका की उम्मीदों को तोड़ दिया। ब्रूज ने स्वीकार किया कि उनकी टीम को पावर और स्पीड में सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कई मौकों पर उनकी टीम शारीरिक मुकाबले में पिछड़ गई, जिसका प्रभाव खेल पर पड़ा।


भविष्य की उम्मीदें

ब्रूज ने खिलाड़ियों की मानसिकता और मेहनत पर कोई शिकायत नहीं की। उन्होंने कहा कि टीम ने टूर्नामेंट में पूरी कोशिश की और बेहतरीन प्रदर्शन किया। कोच ने माना कि हार दुखद है, लेकिन यह अनुभव भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। 74 वर्षीय ब्रूज इस मुकाबले के साथ वर्ल्ड कप नॉकआउट इतिहास में टीम की अगुवाई करने वाले सबसे उम्रदराज कोच बन गए हैं। उन्होंने कहा कि यह अनुभव उनके लिए खास रहेगा और वह इस टूर्नामेंट को हमेशा याद रखेंगे।


एसएएफए अध्यक्ष की सराहना

साउथ अफ्रीका फुटबॉल एसोसिएशन (एसएएफए) के अध्यक्ष डॉ. डैनी जॉर्डन ने भी टीम के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि हार निराशाजनक है, लेकिन टीम ने इस वर्ल्ड कप में इतिहास रचकर देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने विशेष रूप से कोरिया के खिलाफ मिली जीत को याद किया, जिसके दम पर टीम ने पहली बार नॉकआउट स्टेज में जगह बनाई। जॉर्डन ने कहा कि यह उपलब्धि साउथ अफ्रीका के फुटबॉल इतिहास में हमेशा याद रखी जाएगी और टीम इससे सीख लेकर आगे और मजबूत वापसी करेगी।