×

हनुमा विहारी: पुजारा का संभावित उत्तराधिकारी जो मौके की तलाश में

इस लेख में हम हनुमा विहारी की क्रिकेट यात्रा और उनके पुजारा के संभावित उत्तराधिकारी बनने की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। विहारी ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण क्षणों का सामना किया है, लेकिन उन्हें टीम में जगह नहीं मिल रही है। क्या वह भविष्य में नंबर 3 पर बल्लेबाजी करने का मौका पाएंगे? जानें उनके करियर के आंकड़े और हाल की स्थिति के बारे में।
 

चेतेश्वर पुजारा का प्रभाव और विहारी की संभावनाएं

Cheteshwar Pujara: भारतीय क्रिकेट में किसी भी प्रमुख खिलाड़ी का स्थान लेना आसान नहीं होता। सचिन तेंदुलकर के बाद विराट कोहली ने जिम्मेदारी संभाली, जबकि राहुल द्रविड़ के बाद चेतेश्वर पुजारा ने अपनी जगह बनाई। पुजारा ने अपनी धैर्य और मजबूत बल्लेबाजी से गेंदबाजों को चुनौती दी।

हालांकि, अब पुजारा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है और घरेलू क्रिकेट में भी नहीं खेलेंगे। उन्होंने सभी प्रारूपों से अलविदा कहा है। पिछले कुछ वर्षों में, पुजारा को टीम इंडिया में कम ही देखा गया, लेकिन एक समय था जब उन्होंने टेस्ट में नंबर 3 पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अब उनके स्थान पर एक नए खिलाड़ी की तलाश है।


हनुमा विहारी: पुजारा का सही उत्तराधिकारी

हनुमा विहारी हो सकते थे Pujara के असली रिप्लेसमेंट

जी हां, घरेलू क्रिकेट में हैदराबाद और आंध्र के लिए खेलने वाले हनुमा विहारी को एक समय पुजारा का सबसे उपयुक्त विकल्प माना जाता था। जब पुजारा को टीम से बाहर किया गया, तब उम्मीद थी कि विहारी को नंबर 3 पर खेलने का मौका मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। शुभमन गिल ने इस पोजीशन पर बल्लेबाजी की।

विहारी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी टेस्ट में चोटिल होने के बावजूद शानदार बल्लेबाजी की थी। उन्होंने 161 गेंदों का सामना करते हुए मैच को ड्रॉ कराया। तब से यह चर्चा होने लगी थी कि विहारी पुजारा की जगह ले सकते हैं, लेकिन धीरे-धीरे वह टीम से बाहर हो गए।


गंभीर का भरोसा न होना

द्रविड़ के बाद गंभीर ने भी नहीं दिखाया विहारी पर भरोसा

हनुमा विहारी ने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत रवि शास्त्री की कोचिंग में की थी। कुछ समय बाद, राहुल द्रविड़ ने भी उन्हें मौके दिए, लेकिन फिर उनका भरोसा डगमगा गया। हाल ही में जब रोहित शर्मा और विराट कोहली ने संन्यास लिया, तब भी विहारी को मौका नहीं मिला। गौतम गंभीर ने करुण नायर पर भरोसा जताया।

हालांकि, करुण ने वापसी करते हुए कुछ खास नहीं किया। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या गंभीर विहारी को मौका देंगे। भारत को आने वाले समय में महत्वपूर्ण टेस्ट सीरीज खेलनी हैं।


हनुमा विहारी के आंकड़े

हनुमा विहारी के टेस्ट करियर के आंकड़ों पर एक नजर

हनुमा विहारी ने इंग्लैंड के खिलाफ ओवल में 2018 में टेस्ट डेब्यू किया। अब तक उन्होंने 16 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें 28 पारियों में 33.56 की औसत से 839 रन बनाए हैं। उनके नाम 1 शतक और 5 अर्धशतक भी हैं। उनका आखिरी टेस्ट 2022 में खेला गया था।


FAQs

हनुमा विहारी का टेस्ट डेब्यू कब हुआ था?

हनुमा विहारी ने 2018 में इंग्लैंड के खिलाफ ओवल में डेब्यू किया था।

हनुमा विहारी ने अपना आखिरी टेस्ट कब खेला था?

हनुमा विहारी ने अपना आखिरी टेस्ट 2022 में खेला था।