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हरजिंदर कौर ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जीता सिल्वर मेडल

हरजिंदर कौर ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिलाओं की 69 किलोग्राम श्रेणी में सिल्वर मेडल जीतकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। उन्होंने कुल 227 किलोग्राम वजन उठाकर अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को दर्ज किया। उनके संघर्ष और मेहनत की कहानी प्रेरणादायक है, जो यह दर्शाती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद भी बड़े सपने देखे जा सकते हैं। जानें कैसे हरजिंदर ने कबड्डी से वेटलिफ्टिंग तक का सफर तय किया और अपनी मेहनत से सफलता हासिल की।
 

हरजिंदर कौर का शानदार प्रदर्शन


कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय वेटलिफ्टर हरजिंदर कौर ने महिलाओं की 69 किलोग्राम श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने कुल 227 किलोग्राम वजन उठाकर नया व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड बनाया। स्नैच में 101 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 126 किलोग्राम उठाकर उन्होंने भारत के लिए 11वां पदक हासिल किया। यह उनकी मेहनत, संघर्ष और आत्मविश्वास का परिणाम है।


खेतों में मिली ताकत ने बदली जिंदगी

हरजिंदर कौर का बचपन पंजाब के नाभा के मेहस गांव में साधारण परिस्थितियों में बीता। उनका परिवार खेती और पशुपालन से जीवन यापन करता था। बचपन में, वह खेतों में चारा काटने और भूसा काटने वाली मशीन चलाने का काम करती थीं। इन कठिन कार्यों ने उनकी बाजुओं को मजबूती प्रदान की, जो बाद में वेटलिफ्टिंग में उनकी सबसे बड़ी ताकत बन गई।


कबड्डी से शुरू हुआ खेल का सफर

हरजिंदर को खेलों में रुचि बचपन से थी। स्कूल के दिनों में उन्होंने कबड्डी खेलना शुरू किया और रोजाना कई किलोमीटर साइकिल चलाकर अभ्यास के लिए जाती थीं। कॉलेज में दाखिले के बाद, कोच सुरिंदर सिंह ने उनकी प्रतिभा को पहचाना। इसके बाद पंजाबी यूनिवर्सिटी में कोच परमजीत शर्मा ने उनकी शारीरिक क्षमता को देखकर उन्हें नए खेल में आगे बढ़ने की सलाह दी।


रस्साकशी से वेटलिफ्टिंग तक का सफर

कोचों ने सबसे पहले हरजिंदर को रस्साकशी टीम में शामिल किया, जहां उनकी ताकत ने सभी को प्रभावित किया। इसके बाद उन्हें वेटलिफ्टिंग अपनाने की सलाह दी गई। शुरुआत में कठिनाइयाँ आईं, लेकिन उन्होंने लगातार अभ्यास जारी रखा। समय के साथ उनकी तकनीक और ताकत में सुधार होता गया। इसी मेहनत ने उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।


लगातार मेहनत से मिला बड़ा इनाम

हरजिंदर कौर ने 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक जीतकर अपनी क्षमता साबित की थी। अब 2026 में सिल्वर मेडल जीतकर उन्होंने अपने प्रदर्शन को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया। 227 किलोग्राम का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड उनके निरंतर सुधार का प्रमाण है। उनकी सफलता उन खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस रखते हैं।