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हरभजन सिंह ने संजय मांजरेकर को दिया करारा जवाब, विराट कोहली को बताया तीनों फॉर्मेट का महान खिलाड़ी

भारतीय क्रिकेट में विराट कोहली के बारे में चल रही बहस में हरभजन सिंह ने संजय मांजरेकर के विचारों का कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने कोहली को तीनों फॉर्मेट का महान मैच विनर बताते हुए उनकी निरंतरता और योगदान की सराहना की। हरभजन का कहना है कि क्रिकेट के किसी भी फॉर्मेट में रन बनाना आसान नहीं होता और हर खिलाड़ी का करियर अलग होता है। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और हरभजन के विचार।
 

हरभजन सिंह का संजय मांजरेकर पर जवाब


हरभजन सिंह का संजय मांजरेकर पर जवाब: भारतीय क्रिकेट में विराट कोहली के बारे में चल रही चर्चा एक बार फिर गरमा गई है। टेस्ट क्रिकेट से दूरी और वनडे को प्राथमिकता देने के मुद्दे पर पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर की टिप्पणी ने विवाद खड़ा कर दिया है। इस पर हरभजन सिंह ने खुलकर अपनी राय रखी है।


हरभजन ने न केवल मांजरेकर की सोच पर सवाल उठाए, बल्कि विराट कोहली को तीनों फॉर्मेट का महान मैच विनर बताते हुए उनका समर्थन किया। भज्जी का मानना है कि क्रिकेट के किसी भी फॉर्मेट को आसान समझना खेल की वास्तविकता को न समझने जैसा है।


किसी भी फॉर्मेट में रन बनाना आसान नहीं

पूर्व भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह ने स्पष्ट किया कि क्रिकेट के किसी भी फॉर्मेट में रन बनाना सरल नहीं होता। उन्होंने कहा कि यदि किसी एक फॉर्मेट में रन बनाना इतना आसान होता, तो हर खिलाड़ी वहां लगातार सफल होता। भज्जी के अनुसार असली मापदंड यह है कि खिलाड़ी टीम के लिए क्या योगदान दे रहा है।


अगर कोई बल्लेबाज रन बना रहा है, मैच जीत रहा है और टीम को आगे बढ़ा रहा है, तो यह मायने नहीं रखता कि वह किस फॉर्मेट में खेल रहा है। इसी संदर्भ में उन्होंने विराट कोहली की निरंतरता और मैच जिताने की क्षमता को सबसे बड़ा प्रमाण बताया।


विराट कोहली तीनों फॉर्मेट के बड़े मैच विनर

हरभजन सिंह ने विराट कोहली की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह केवल एक फॉर्मेट के नहीं, बल्कि तीनों फॉर्मेट के महान खिलाड़ी हैं। उनके अनुसार कोहली ने वर्षों तक भारत को महत्वपूर्ण मौकों पर जीत दिलाई है और बड़े मैचों में हमेशा टीम के लिए खड़े नजर आए हैं।


भज्जी का कहना है कि विराट अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा हैं और उन्होंने अपने खेल से क्रिकेट को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि विराट आज भी टेस्ट क्रिकेट खेलते, तो वह भारतीय टीम के सबसे बड़े स्तंभों में से एक होते।


संजय मांजरेकर के बयान से क्यों मचा विवाद

दरअसल, पूर्व बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने एक सोशल मीडिया वीडियो में कहा था कि विराट कोहली ने अपनी कमियों पर काम करने के बजाय टेस्ट क्रिकेट से किनारा कर लिया। उन्होंने यह भी जताया कि कोहली ने टेस्ट की बजाय वनडे को तरजीह दी, जिससे उन्हें निराशा हुई। मांजरेकर का मानना था कि टेस्ट क्रिकेट में संघर्ष के दौर में विराट को खुद को साबित करना चाहिए था।


आलोचना पर भज्जी का सीधा प्रहार

हरभजन सिंह ने मांजरेकर के इस दृष्टिकोण को व्यक्तिगत सोच बताते हुए खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी का करियर और फैसले अलग होते हैं, और उन्हें उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। भज्जी के अनुसार विराट कोहली जैसे खिलाड़ी को किसी एक फॉर्मेट तक सीमित करके नहीं आंका जा सकता।


विराट कोहली ने भारत के लिए लंबे समय तक तीनों फॉर्मेट में शानदार प्रदर्शन किया है और यही उन्हें ऑल टाइम ग्रेट मैच विनर बनाता है। हरभजन का मानना है कि क्रिकेट में योगदान सबसे बड़ी कसौटी है, न कि यह बहस कि कौन सा फॉर्मेट ज्यादा कठिन या आसान है।