हर्ष सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो में जीता ऐतिहासिक गोल्ड मेडल
भारत के लिए जूडो में बड़ी जीत
ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए एक और शानदार खबर आई है। युवा जूडो खिलाड़ी हर्ष सिंह ने पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर सबको गर्वित किया। उनकी यह जीत भारतीय जूडो के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।
अनुभवी प्रतिद्वंद्वी को हराकर बनाई नई पहचान
23 वर्षीय हर्ष सिंह ने फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी जूडो खिलाड़ी जोशुआ काट्ज़ को हराकर यह गोल्ड मेडल अपने नाम किया। काट्ज़ को इस मुकाबले का प्रमुख दावेदार माना जा रहा था, जिनके पास कई अंतरराष्ट्रीय मेडल और ओलंपिक का अनुभव है। हर्ष ने शुरुआत से ही धैर्य बनाए रखा और किसी भी समय दबाव में नहीं आए। मुकाबला काफी कड़ा रहा, जिसमें दोनों खिलाड़ियों के बीच बराबरी का खेल देखने को मिला। अंत में, भारतीय खिलाड़ी ने एक शानदार दांव लगाकर बढ़त बनाई और जीत हासिल की।
🇮🇳🇮🇳A historic gold that rewrites Indian judo | Harsh Singh becomes the first Indian male judoka to win Commonwealth Games gold, defeating Australia’s Joshua Katz in the men’s 60kg final in Glasgow pic.twitter.com/vfO1TYmreO
— Bharat Icons (@Bharat_Icons) July 31, 2026
आखिरी क्षण में पलटा मुकाबला
चार मिनट तक चले इस मुकाबले में किसी भी खिलाड़ी को स्पष्ट बढ़त नहीं मिली। मैच खत्म होने में केवल 41 सेकंड बाकी थे, तभी हर्ष सिंह ने शानदार वाजा-अरी स्कोर किया, जो जूडो में दूसरी सबसे बड़ी स्कोरिंग तकनीक मानी जाती है। बढ़त मिलने के बाद, हर्ष ने समझदारी से अपनी रक्षा की और ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। अंतिम सीटी बजते ही, भारतीय खिलाड़ी ने गोल्ड मेडल पक्का कर लिया। यह उनकी करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
𝐇𝐀𝐑𝐒𝐇 𝐒𝐈𝐍𝐆𝐇 𝐂𝐑𝐄𝐀𝐓𝐄𝐒 𝐇𝐈𝐒𝐓𝐎𝐑𝐘 🇮🇳 Becomes FIRST EVER INDIAN MALE JUDOKA to win GOLD MEDAL at Commonwealth Games 📷🥇
— Bharat Icons (@Bharat_Icons) July 31, 2026
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भारतीय जूडो के लिए ऐतिहासिक क्षण
हर्ष सिंह की यह जीत भारतीय जूडो के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। वह कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो का गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं। उनके प्रतिद्वंद्वी जोशुआ काट्ज़ कई बार ओशिनिया चैंपियन रह चुके हैं, ऑस्ट्रेलिया के लिए ओलंपिक खेल चुके हैं और 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में भी मेडल जीत चुके थे। ऐसे मजबूत प्रतिद्वंद्वी को हराकर, हर्ष ने साबित कर दिया कि वह बड़े मंच पर दबाव झेलने की क्षमता रखते हैं। उनकी इस जीत से भारत को जूडो में दूसरा गोल्ड मेडल मिला है।