हर्षित राणा की चोट से भारतीय क्रिकेट टीम की चिंताएँ बढ़ीं
हर्षित राणा की चोटों का सिलसिला
भारतीय क्रिकेट टीम के युवा तेज गेंदबाज हर्षित राणा एक बार फिर चोट के कारण चर्चा में हैं। घुटने की सर्जरी के बाद जब वह मैदान पर लौटे, तो वह ज्यादा समय तक टीम के साथ नहीं रह सके। इंग्लैंड और आयरलैंड के दौरे के दौरान उन्हें एक नई चोट लगी, जिससे टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं की चिंताएँ बढ़ गई हैं।
फिटनेस में कमी का सामना
हर्षित ने बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अपनी रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया पूरी की थी। सभी आवश्यक फिटनेस परीक्षण पास करने के बाद उन्हें टीम में शामिल किया गया। उन्होंने आयरलैंड के खिलाफ दो और इंग्लैंड के खिलाफ तीन टी20 मैच खेले, लेकिन केवल पांच मैचों के बाद मांसपेशियों में खिंचाव के कारण उन्हें टीम से बाहर होना पड़ा। इसी वजह से वह इंग्लैंड के खिलाफ वनडे श्रृंखला में भी नहीं खेल सके। टीम को उम्मीद थी कि वह तेज गेंदबाजी के साथ-साथ निचले क्रम में बल्लेबाजी में भी योगदान देंगे, लेकिन चोट ने उनकी वापसी को फिर से रोक दिया।
वजन बढ़ने से बढ़ी चिंताएँ
सूत्रों के अनुसार, जब हर्षित राणा इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे के लिए टीम में शामिल हुए, तब उनका वजन सामान्य से अधिक था। यह स्थिति अब बीसीसीआई और टीम प्रबंधन के लिए चिंता का विषय बन गई है। वे जानना चाहते हैं कि रिहैबिलिटेशन के बाद और फिटनेस सर्टिफिकेट मिलने के बावजूद उनका वजन कैसे बढ़ गया। एक वरिष्ठ सूत्र ने बताया कि तेज गेंदबाज के लिए अतिरिक्त वजन शरीर पर अधिक दबाव डालता है, जिससे हैमस्ट्रिंग और अन्य मांसपेशियों में चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में फिटनेस पर लगातार ध्यान देना हर तेज गेंदबाज के लिए आवश्यक है।
2027 वर्ल्ड कप की योजनाओं पर प्रभाव
भारतीय टीम प्रबंधन हर्षित राणा को 2027 वनडे वर्ल्ड कप की योजनाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा मानता है। उन्हें एक ऐसे तेज गेंदबाज के रूप में देखा जा रहा है जो लगभग 140 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से गेंदबाजी कर सकते हैं और आवश्यकता पड़ने पर आठवें नंबर पर बल्लेबाजी भी कर सकते हैं। लेकिन बार-बार चोटिल होना उनके करियर के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। अब उनकी वापसी के साथ-साथ उनकी फिटनेस पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।