ईरान ने भारत के दो जहाजों को सुरक्षित निकाला, होरमुज की खाड़ी से यात्रा शुरू
ईरान से भारतीय जहाजों की सुरक्षित निकासी
नई दिल्ली। ईरान ने अपने वादे के अनुसार होरमुज की खाड़ी से भारत के दो जहाजों को सुरक्षित रूप से बाहर निकलने की अनुमति दी है। शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने जानकारी दी कि भारतीय झंडे वाले एलपीजी कैरियर शिवालिक और नंदा देवी ने शनिवार को होरमुज की खाड़ी पार कर ली। ये दोनों जहाज कुल 92,700 टन एलपीजी लेकर भारत की ओर बढ़ रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, ये जहाज गुजरात के मुंद्रा और कांडला बंदरगाह की दिशा में जा रहे हैं और अगले दो से तीन दिनों में भारत पहुंचने की उम्मीद है।
यह ध्यान देने योग्य है कि ये जहाज उन 24 जहाजों में शामिल थे, जो पश्चिम एशिया में युद्ध की शुरुआत के बाद होरमुज की खाड़ी के पश्चिमी हिस्से में फंस गए थे। इससे पहले, भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने शुक्रवार को कहा था कि ईरान ने कई भारतीय जहाजों को इस जलमार्ग से गुजरने की अनुमति दी है। इस बीच, भारत ने बताया कि ईरानी नौसेना का जहाज आईआरआईएस लावन अब भी केरल के कोच्चि बंदरगाह पर खड़ा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि चालक दल के कई सदस्य और भारत में फंसे अन्य ईरानी नागरिक विशेष विमान से अपने देश लौट चुके हैं।
भारत सरकार के शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि फ़ारस की खाड़ी क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं, और पिछले 24 घंटों में उनके साथ किसी भी अप्रिय घटना की कोई सूचना नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटे में 30 नाविकों को भारत लाया गया है, जिससे कुल 253 नाविक अब तक भारत आ चुके हैं। खाड़ी क्षेत्र के मामलों के अतिरिक्त सचिव असीम महाजन ने कहा कि सरकार फंसे हुए भारतीयों को वीजा सहायता सहित हर संभव मदद प्रदान कर रही है। उन्होंने बताया कि एक लाख 72 हजार भारतीय वापस लौट चुके हैं।