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पश्चिम बंगाल में स्कूल वैन और ट्रेन की टक्कर, पांच की मौत

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में एक भयानक रेल दुर्घटना में स्कूल वैन और ट्रेन की टक्कर से पांच लोगों की जान चली गई। इस घटना में तीन स्कूली बच्चे भी शामिल हैं। स्थानीय लोगों ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। रेलवे ने मुआवजे की घोषणा की है और मामले की जांच शुरू कर दी है। जानें इस दर्दनाक हादसे की पूरी कहानी और इसके पीछे की वजह।
 

मुर्शिदाबाद में भयानक रेल दुर्घटना

मुर्शिदाबाद: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में शुक्रवार को एक गंभीर रेल दुर्घटना ने कई परिवारों को दुखी कर दिया। गोबिंदपुर रेलवे क्रॉसिंग पर एक स्कूल वैन ट्रेन की चपेट में आ गई, जिससे तीन बच्चों सहित पांच लोगों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए। टक्कर इतनी भयंकर थी कि वैन पूरी तरह से नष्ट हो गई।


ट्रेन के गुजरने के बाद खुला फाटक, दूसरी ट्रेन ने मारी टक्कर

प्रारंभिक जांच से पता चला है कि पहले नवद्वीप धाम एक्सप्रेस रेलवे क्रॉसिंग से गुजरी थी। इसके बाद फाटक खोला गया, जबकि उसी ट्रैक पर कुछ ही समय बाद निमतिया-कटवा लोकल ट्रेन भी आने वाली थी। फाटक खुला देखकर वैन चालक ने वाहन को रेलवे ट्रैक पार करने की कोशिश की। इसी दौरान एक साइकिल सवार भी पटरी पार कर रहा था। तभी तेज रफ्तार लोकल ट्रेन वहां पहुंच गई और स्कूल वैन को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वैन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार बच्चे अंदर ही फंस गए।


घायलों का अस्पताल में इलाज जारी

हादसे में गंभीर रूप से घायल तीन छात्रों और वैन चालक को तुरंत मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा गया। अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, कुछ घायलों की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है और उनका उपचार जारी है।


रेलवे ने मुआवजे की घोषणा की

पूर्वी रेलवे के प्रवक्ता शिबराम मांझी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए बताया कि ड्यूटी पर मौजूद गेटमैन को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना की जांच शुरू कर दी गई है और वरिष्ठ अधिकारियों की 10 सदस्यीय टीम मौके पर भेजी गई है। रेलवे ने हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। साथ ही, घायलों के इलाज का पूरा खर्च रेलवे द्वारा उठाने का आश्वासन दिया गया है।


स्थानीय लोगों ने रेलवे व्यवस्था पर उठाए सवाल

हादसे के बाद घटनास्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए। लोगों का आरोप है कि रेलवे फाटक समय से पहले खोला गया, जबकि दूसरी ट्रेन आ रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि फाटक खुला देखकर वैन चालक को लगा कि रास्ता सुरक्षित है, लेकिन कुछ ही क्षण बाद तेज रफ्तार ट्रेन आ गई। स्थानीय लोगों ने रेलवे की कार्यप्रणाली और सिग्नल व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि फाटक बंद रहता या सही तरीके से संचालन होता, तो शायद यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था। फिलहाल रेलवे और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं ताकि हादसे की असल वजह सामने आ सके और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।