पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमतों में भारी कटौती, सरकार ने दी राहत
महंगाई के खिलाफ जनता का प्रदर्शन
इस्लामाबाद: पाकिस्तान में बढ़ती महंगाई और ईंधन की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ जनता ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। इस भारी दबाव के चलते, शाहबाज शरीफ की सरकार ने पेट्रोल की कीमतों में 80 रुपये प्रति लीटर की कमी करने का निर्णय लिया है। अब पाकिस्तान में पेट्रोल की नई कीमत 378 रुपये प्रति लीटर हो गई है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बताया कि यह राहत सरकार द्वारा पेट्रोलियम लेवी (टैक्स) में कटौती करके दी जा रही है। यह निर्णय उस समय आया है जब सरकार ने पेट्रोल की कीमतों में 42.7 प्रतिशत की वृद्धि की थी, जिससे यह 485 रुपये प्रति लीटर हो गई थी। पहले, सरकार ने इस वृद्धि का कारण मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष और वैश्विक बाजार में तेल की बढ़ती कीमतों को बताया था।
डीजल की कीमतों में कोई राहत नहीं
डीजल के मोर्चे पर जनता को नहीं मिली कोई राहत
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने टेलीविजन पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि पेट्रोल की कीमतों में की गई यह कटौती कम से कम एक महीने तक लागू रहेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं होती, वह चुप नहीं बैठेंगे। हालांकि, डीजल की कीमतों में कोई कमी नहीं की गई है, जो हाल ही में 54.9 प्रतिशत की वृद्धि के बाद 520 रुपये प्रति लीटर पर बनी हुई है।
सरकार ने मुफ्त बस सेवा की घोषणा की
भड़के लोगों को शांत करने के लिए 30 दिन फ्री बस सेवा का ऐलान
जनता के गुस्से को कम करने के लिए, पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नक़वी ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि इस्लामाबाद में सभी सार्वजनिक परिवहन अगले 30 दिनों के लिए मुफ्त कर दिए जाएंगे। इस निर्णय से सरकारी खजाने पर 350 मिलियन रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इसी तरह, पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज शरीफ ने भी राज्य द्वारा संचालित परिवहन का किराया माफ कर दिया है और ट्रकों तथा बसों के लिए सब्सिडी की घोषणा की है।
ईंधन संकट से निपटने के उपाय
फ्यूल बचाने के लिए सरकार के अजीबोगरीब फरमान
पश्चिम एशिया में ईरान युद्ध के कारण ऊर्जा सप्लाई बाधित हुई है, जिसका असर पाकिस्तान पर भी पड़ा है। ईंधन संकट से निपटने के लिए, सरकार ने कई आपातकालीन उपायों की घोषणा की है, जिसमें सरकारी कार्यालयों के कार्यदिवस घटाकर हफ्ते में चार दिन करना और स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाना शामिल है।
आईएमएफ का दबाव और जनता की चिंता
आईएमएफ के दबाव में जनता को निचोड़ रही सरकार?
पाकिस्तान के इस आर्थिक संकट के पीछे इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हाल ही में, IMF ने चेतावनी दी थी कि पाकिस्तान जैसी कमजोर अर्थव्यवस्थाओं पर ऊंची ऊर्जा कीमतों का भारी दबाव है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कीमतों में वृद्धि केवल ईरान युद्ध के कारण नहीं है, बल्कि IMF की कड़ी शर्तों का भी नतीजा है।