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यूपी में चिकित्सा उपकरणों की खरीद में गड़बड़ी, जांच शुरू

उत्तर प्रदेश में सरकारी अस्पतालों के लिए चिकित्सा उपकरणों की खरीद में गंभीर अनियमितताएँ सामने आई हैं। आरोप है कि यूपी मेडिकल सप्लाई कॉर्पोरेशन ने टेंडर से 100 गुना अधिक मात्रा में खरीद आदेश जारी किया। इस मामले में जीएम सुगंधा शर्मा को बर्खास्त कर दिया गया है और जांच अब अदालत तक पहुँच चुकी है। ईडी भी इस मामले की जांच कर रही है, जिसमें पिछले सात सालों के दौरान हुई खरीद और सप्लाई की जानकारी मांगी गई है। क्या यह मामला और भी गहराएगा? जानें पूरी कहानी।
 

लखनऊ में चिकित्सा उपकरणों की खरीद में अनियमितताएँ

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों के लिए चिकित्सा किट और उपकरणों की खरीद में गंभीर अनियमितताएँ सामने आई हैं। आरोप है कि यूपी मेडिकल सप्लाई कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPMSCL) ने टेंडर से लगभग 100 गुना अधिक मात्रा में खरीद आदेश जारी किया। इस मामले में कारपोरेशन की जीएम (सप्लाई चेन) सुगंधा शर्मा को बर्खास्त कर दिया गया है। यह मामला अब अदालत में पहुँच चुका है। आरोप है कि टेंडर की शर्तों में गड़बड़ी के कारण एक विशेष कंपनी को अनुचित लाभ मिला। इस प्रकरण में अधिकारियों की भूमिका और खरीद प्रक्रिया की भी जांच की जा रही है।


विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस मामले में अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। अधिकारियों की लापरवाही और कथित अनियमितताओं के चलते कारपोरेशन अब जांच और कानूनी कार्यवाही का सामना कर रहा है। पिछले वर्ष, नेशनल हेल्थ मिशन से जुड़े कुछ अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई थी, जिन पर मिलीभगत कर कंपनी को लाभ पहुँचाने के आरोप लगे थे।


एनएचएम के बजट से संबंधित मामला

सूत्रों के अनुसार, यह मामला एनएचएम (NHM) के बजट से जुड़ा हुआ है। सप्लाई कॉर्पोरेशन को टेंडर जारी कर खरीद आदेश देना था। वर्ष 2024 में कंपनी ने प्रति पीस दर पर बोली लगाई, लेकिन अधिकारियों ने उसी दर को प्रति पैकेट मानकर आदेश जारी कर दिया। इसके बाद कंपनी ने बड़ी मात्रा में सप्लाई की, जबकि विभाग को इतनी किट और उपकरणों की आवश्यकता नहीं थी। शिकायत डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक तक पहुँची, जिसके बाद प्रमुख सचिव स्तर पर जांच शुरू हुई और अनियमितताएँ उजागर हुईं।


ईडी द्वारा जांच जारी

दूसरी ओर, ईडी (ED) श्रावस्ती, बहराइच, गोंडा और बलरामपुर में 2013 से 2025-26 तक सरकारी अस्पतालों को मिले बजट, खरीद, सप्लाई और टेंडर की जांच कर रही है। एजेंसी ने दस्तावेजों की मांग की है, लेकिन सूत्रों के अनुसार सप्लाई कॉर्पोरेशन ने अब तक पूरी जानकारी नहीं दी है। रिकॉर्ड अभी लंबित है।


सात सालों का रिकॉर्ड नहीं दिया गया

नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) और यूपी मेडिकल सप्लाई कॉर्पोरेशन (UPMSCL) के स्तर से चार जिलों में पिछले सात सालों के दौरान हुई दवा और उपकरणों की खरीद, सप्लाई और टेंडर से जुड़े मामलों की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रही है। ईडी ने श्रावस्ती, बहराइच, गोंडा और बलरामपुर के सभी सरकारी अस्पतालों को साल 2013 से 2025-26 तक जारी किए गए बजट का ब्योरा मांगा था।


इस बजट से जिलों में हुई खरीद और सप्लाई से जुड़ी जानकारी और दस्तावेज भी तलब किए गए थे। वहीं सप्लाई कॉर्पोरेशन से 2019 के बाद से अब तक कराए गए टेंडर, उसमें सफल रही कंपनियों का पूरा ब्योरा मांगा गया था। इस संबंध में महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य ने कारपोरेशन और एनएचएम (NHM) को पत्र भेजा था। सूत्रों के अनुसार, अभी तक इस मामले की जानकारी सप्लाई कॉर्पोरेशन ने स्वास्थ्य महानिदेशालय को नहीं दी है।