रोहित पवार ने अजित पवार प्लेन क्रैश मामले में सीबीआई की कार्रवाई पर उठाए सवाल
सीबीआई की गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए
नई दिल्ली। शरद पवार के नेतृत्व में चल रही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक रोहित पवार ने अजित पवार विमान दुर्घटना मामले में सीबीआई द्वारा की गई गिरफ्तारी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोमवार को कहा कि सीबीआई ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के एयरवर्थनेस विभाग के उप निदेशक की गिरफ्तारी से यह स्पष्ट किया है कि कई भ्रष्ट अधिकारी इस मामले में शामिल हैं। गिरफ्तार व्यक्ति केवल एक 'छोटी मछली' है, जबकि इस संगठन में और भी बड़ी 'मछलियां' मौजूद हैं।
गिरफ्तारी ने भ्रष्टाचार के दावों को किया साबित
‘DGCA में गिरफ्तारी ने हमारे दावे को सच साबित किया’
रोहित पवार ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा कि सीबीआई ने DGCA के एयरवर्थनेस विभाग के डिप्टी डायरेक्टर को गिरफ्तार किया है और एफआईआर भी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि यह घटना उनके बार-बार उठाए गए दावों को सही साबित करती है कि DGCA में कई भ्रष्ट अधिकारी हैं। गिरफ्तार व्यक्ति केवल एक 'छोटी मछली' है, जबकि इस संगठन में और भी बड़ी मछलियां हैं।
सीबीआई की कार्रवाई पर उठाए सवाल
वीके सिंह पर सबूत मिटाने का आरोप
रोहित पवार ने कहा कि एक ओर, उन्होंने दो महीने पहले दादा की दुर्घटना की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग की थी, लेकिन सीबीआई ने अभी तक इस मामले को अपने हाथ में नहीं लिया है। दूसरी ओर, सीबीआई ने इस मामले में अपनी कार्रवाई शुरू की है, जो महत्वपूर्ण है। यह टीडीपी सरकार के लिए एक संकेत या चेतावनी हो सकती है।
साजिश की आशंका
विमान हादसे में किसी साजिश का हाथ : रोहित पवार
रोहित पवार ने स्पष्ट किया कि उन्हें संदेह है कि इस विमान दुर्घटना में किसी साजिश का हाथ हो सकता है। उनके आरोप चार्टर ऑपरेटर वीएसआर वेंचर्स और DGCA के अधिकारियों के बीच भ्रष्टाचार के जाल पर केंद्रित हैं। उन्होंने कहा कि पायलट के उड़ान घंटों की जानकारी में हेरफेर की गई थी और सुरक्षा में हुई चूकों को छिपाने के लिए कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर के साथ छेड़छाड़ की गई थी।
लियरजेट 45 विमान पर उठाए सवाल
लियरजेट 45 विमान को लेकर भी उठाए सवाल
रोहित पवार ने यह भी सवाल उठाया कि लियरजेट 45 विमान को उड़ान भरने की अनुमति कैसे दी गई, जबकि इससे पहले भी तकनीकी खराबी की रिपोर्टें आई थीं। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू को पत्र लिखकर इस मामले की विस्तृत और पारदर्शी जांच की मांग की है।