G7 शिखर सम्मेलन में जेलेंस्की और मेलोनी की मुलाकात का वायरल वीडियो
G7 शिखर सम्मेलन में चर्चा और वायरल वीडियो
फ्रांस के डोविल-ले-बैंस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन में वैश्विक राजनीति, सुरक्षा और आर्थिक मुद्दों पर चर्चा के साथ-साथ एक वीडियो ने भी ध्यान आकर्षित किया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की और इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी के बीच हुई मुलाकात का एक छोटा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिसके बारे में कई अटकलें लगाई जा रही हैं।
इस सम्मेलन में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका जैसे दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं शामिल थीं। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। हालांकि, इस सम्मेलन के दौरान नेताओं की एक मुलाकात ने सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं का ध्यान खींचा।
जेलेंस्की और मेलोनी की मुलाकात का वीडियो
वायरल वीडियो में, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की और इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी एक-दूसरे का अभिवादन करते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो के सामने आने के बाद, सोशल मीडिया पर इस पर कई तरह की व्याख्याएं की जाने लगीं। कुछ उपयोगकर्ताओं ने यह दावा किया कि जेलेंस्की ने अभिवादन के दौरान मेलोनी को किस करने की कोशिश की, जिससे वह थोड़ी असहज दिखाई दीं। हालांकि, इस दावे की पुष्टि के लिए किसी सरकारी संस्था या दोनों नेताओं के कार्यालयों से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। इसलिए, इस वायरल वीडियो से जुड़े दावों को सत्यापित नहीं किया जा सकता।
Meloni’s reaction after Zelensky attempted to kiss her at the G7 Summit... pic.twitter.com/w80lB52Vzr
— Gaurav Dwivedi (@gauravkrdwivedi) June 17, 2026
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़
वीडियो के वायरल होने के बाद, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिक्रियाओं का एक सिलसिला शुरू हो गया। कई लोगों ने वीडियो की अपनी-अपनी व्याख्या की। कुछ उपयोगकर्ताओं ने इसे सामान्य कूटनीतिक अभिवादन बताया, जबकि अन्य ने दोनों नेताओं की शारीरिक भाषा पर सवाल उठाए।
अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में नेताओं के बीच अभिवादन के कई तरीके होते हैं। विभिन्न देशों और संस्कृतियों के अनुसार, हाथ मिलाना, गले मिलना या औपचारिक अभिवादन सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं। ऐसे में कभी-कभी किसी छोटे दृश्य को लेकर सोशल मीडिया पर भिन्न-भिन्न व्याख्याएं सामने आ जाती हैं। G7 सम्मेलन के दौरान सामने आया यह वीडियो भी फिलहाल चर्चा का विषय बना हुआ है।