×

अमेरिका में भारतीय नागरिक पर धोखाधड़ी का आरोप, FBI ने शुरू की तलाश

अमेरिका में भारतीय नागरिक कल्पेशकुमार रासिकभाई पटेल के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में FBI ने कार्रवाई की है। पटेल पर आरोप है कि उसने एक संगठित योजना के तहत कई लोगों से पैसे ठगे। जांच एजेंसी ने उसकी तलाश तेज कर दी है और आम जनता से मदद मांगी है। जानें इस मामले में क्या हुआ और पटेल की पहचान के बारे में अधिक जानकारी।
 

अमेरिका में भारतीय नागरिक के खिलाफ कार्रवाई


अमेरिका में एक भारतीय नागरिक के खिलाफ गंभीर कार्रवाई की गई है। फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने कल्पेशकुमार रासिकभाई पटेल की तलाश तेज कर दी है, जिस पर कई लोगों से धोखाधड़ी करने का आरोप है। जांच एजेंसी के अनुसार, पटेल ने एक संगठित योजना के तहत लोगों को धोखा देकर उनसे बड़ी रकम प्राप्त की। वर्तमान में उसकी लोकेशन को लेकर एजेंसियां सतर्क हैं और आम जनता से भी सहायता मांगी गई है।


कल्पेशकुमार पटेल का परिचय

कल्पेशकुमार रासिकभाई पटेल भारतीय मूल का नागरिक है, जिसे अमेरिका में मेल और वायर फ्रॉड के मामले में आरोपी ठहराया गया है। FBI के अनुसार, वह 'केनी', 'मेको' और 'कल्पेश पटेल' जैसे नामों से भी जाना जाता है। बताया गया है कि वह पहले एक पेट्रोल पंप पर काम करता था। 22 जून 2023 को केंटकी की अदालत ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।


धोखाधड़ी की योजना का तरीका

जांच में यह सामने आया है कि पटेल 2017 से 2021 के बीच एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा था। इस दौरान उसने कई लोगों को फोन पर संपर्क कर उन्हें डराया और यह यकीन दिलाया कि उनकी पहचान आपराधिक गतिविधियों से जुड़ी है। इस डर का फायदा उठाकर उनसे नकद और प्रीपेड डेबिट कार्ड के माध्यम से पैसे मंगवाए जाते थे।


पीड़ितों को कैसे बनाया गया निशाना

FBI के अनुसार, आरोपियों ने लोगों को इस तरह से भ्रमित किया कि वे खुद ही पैसे भेजने के लिए तैयार हो गए। कई मामलों में पीड़ितों को सरकारी एजेंसियों का नाम लेकर धमकाया गया। उन्हें बताया गया कि यदि तुरंत भुगतान नहीं किया गया तो कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इस प्रकार बड़ी रकम ठगी गई और विभिन्न पते पर मंगवाई गई।


FBI की अपील और जांच की स्थिति

FBI ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को कल्पेश पटेल के बारे में जानकारी हो तो वह तुरंत नजदीकी एजेंसी या अमेरिकी दूतावास से संपर्क करे। एजेंसी का कहना है कि यह मामला अभी भी जांच के दायरे में है और इससे जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस नेटवर्क के और भी कनेक्शन सामने आ सकते हैं।