आईआईटी मद्रास के छात्र की संघर्ष और सफलता की प्रेरणादायक कहानी
प्रेरणादायक यात्रा
आईआईटी मद्रास के एक छात्र की प्रेरणादायक कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने इस छात्र के जीवन के संघर्ष, असफलताओं और अंततः मिली सफलता की कहानी साझा की है। इस व्यक्ति ने 2012 में आईआईटी मद्रास से केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। स्नातक होने के तुरंत बाद, उन्हें कैंपस प्लेसमेंट में 10 लाख रुपये सालाना का नौकरी का प्रस्ताव मिला, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया क्योंकि उनका सपना यूपीएससी पास कर सिविल सर्वेंट बनने का था.
सफलता की ओर बढ़ते कदम
सॉफ्टवेयर इंजीनियर विकास ऑलवेज द्वारा साझा की गई पोस्ट के अनुसार, यह युवा तैयारी के लिए दिल्ली आया। पहले प्रयास में वे प्रीलिम्स परीक्षा पास नहीं कर सके। इसके बाद, वे हैदराबाद लौट आए और दूसरे प्रयास के लिए और मेहनत की। इस बार उन्होंने प्रीलिम्स तो पास कर लिया, लेकिन मेन्स परीक्षा में असफल रहे।
खेल में असफलता का सामना
लगातार असफलताओं के बावजूद, उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। इस कठिन समय में उन्होंने बैडमिंटन में अपनी किस्मत आजमाई और जिला तथा राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लिया। हालांकि, खेल में राजनीति और गलत तरीकों ने उन्हें निराश किया। एक समय ऐसा आया जब कुछ लोगों ने उन्हें जानबूझकर मैच हारने के लिए पैसे का प्रस्ताव दिया, जिससे वे बैडमिंटन छोड़ने पर मजबूर हो गए।
व्यक्तिगत जीवन में उतार-चढ़ाव
इस बीच, उनकी व्यक्तिगत जिंदगी में आए उतार-चढ़ाव ने भी उनकी पढ़ाई को प्रभावित किया। तैयारी के दौरान उन्हें प्यार हुआ, जिससे उनका ध्यान पढ़ाई से भटक गया। बाद में ब्रेकअप के कारण वे मानसिक रूप से टूट गए और उनका आत्मविश्वास कम हो गया। इस कठिन दौर में वे शराब और सिगरेट की लत के शिकार भी हो गए।
नई शुरुआत
यूपीएससी की तैयारी में भटकते हुए उनके 12 साल बीत गए। 35 साल की उम्र में, उनके पास न कोई नौकरी थी और न ही भविष्य का कोई ठिकाना। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और ऑनलाइन ट्रेडिंग सीखने का निर्णय लिया। धीरे-धीरे, उन्होंने डे-ट्रेडिंग में अपना करियर बना लिया।
आर्थिक सफलता
आज वे शेयर मार्केट से हर महीने लगभग 2 लाख रुपये कमा रहे हैं और एक सेबी सलाहकार के रूप में भी कार्यरत हैं। हाल ही में उनकी शादी हुई है, जिससे उनके जीवन में एक नई और सकारात्मक शुरुआत हुई है। उनकी इस कहानी ने लाखों लोगों को प्रेरित किया है, और यह साबित किया है कि जीवन हमेशा एक सीधी लकीर पर नहीं चलता, लेकिन संघर्ष के बाद सफलता अवश्य मिलती है।