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कश्मीर के शिकारा नाविक का दिल छू लेने वाला वीडियो वायरल

कश्मीर के डल झील पर एक शिकारा नाविक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में नाविक ने एक पर्यटक से बातचीत करते हुए देशभक्ति का एक अनूठा उदाहरण पेश किया है। उनकी समझदारी और आत्मविश्वास ने लाखों लोगों का दिल जीत लिया है। जानें इस वीडियो में क्या खास है और लोगों की प्रतिक्रियाएं क्या हैं।
 

सोशल मीडिया पर छाया कश्मीर का वीडियो


कश्मीर की डल झील के शांत जल में एक छोटी सी बातचीत का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर धूम मचा रहा है। कश्मीर और वहां के निवासियों के बारे में अक्सर सवाल उठते रहते हैं, लेकिन एक कश्मीरी शिकारा नाविक की चतुराई ने न केवल सवालों का जवाब दिया, बल्कि लोगों के दिलों को भी जीत लिया। उनकी बातें मनोरंजन के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण संदेश भी देती हैं।


नाविक की समझदारी से भरी बातचीत

वीडियो में, डल झील पर शिकारा चलाने वाला एक नाविक एक पर्यटक से बातचीत करता है, जिसने अपनी समझदारी और जवाब देने के तरीके से लोगों का ध्यान आकर्षित किया।


सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो


इस वीडियो में नाविक पर्यटक से पूछता है कि वह कहां से आया है। पर्यटक सहजता से उत्तर देता है कि वह भारत से है। यह सुनकर नाविक मुस्कुराते हुए पूछता है, "तो क्या मैं पाकिस्तान से हूं?" और फिर खुद ही आगे बढ़ते हुए कहता है कि "हम भी भारतीय हैं।" यह संवाद भले ही कुछ सेकंड का हो, लेकिन इसकी सादगी और स्पष्टता ने लाखों लोगों को प्रभावित किया है। नाविक ने न तो कोई बहस की और न ही कटु शब्द कहे। इसके बजाय, उसने हल्के हास्य और आत्मविश्वास के साथ यह संदेश दिया कि कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और यहां के लोग गर्व से भारतीय हैं।


लोगों की प्रतिक्रियाएं



यह वीडियो सबसे पहले लक्षय मेहता नामक व्यक्ति द्वारा X पर साझा किया गया था, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया। यूजर्स ने नाविक की प्रशंसा की और इसे देशभक्ति का एक सुंदर उदाहरण बताया। एक यूजर ने लिखा कि यह सच्चाई और आत्मविश्वास का एक ऐसा उदाहरण है जिसमें न गुस्सा है, न नफरत, केवल मुस्कान और साफ दिल। कई टिप्पणियों में यह भी कहा गया कि पर्यटक ने भी इस जवाब को सहजता से स्वीकार किया, जिससे बातचीत का माहौल हल्का और सकारात्मक बना रहा। एक यूजर ने टिप्पणी की कि जमीनी स्तर पर ऐसे बदलाव देखकर अच्छा लगता है। पहलगाम में हुए हमले के बाद कश्मीर में पर्यटकों की संख्या में थोड़ी कमी आई थी, लेकिन स्थानीय लोगों ने अपनी मेहनत से इसे फिर से गति दी।