×

कैसे एक प्रोडक्ट डिजाइनर ने अपनी कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ी और कंटेंट क्रिएशन की ओर बढ़ी

टोरंटो की प्रोडक्ट डिजाइनर हेइगी जियोंग ने अपनी सालाना 1.5 करोड़ रुपये की नौकरी छोड़कर कंटेंट क्रिएशन और किताब लेखन का रास्ता चुना। उन्होंने खुद को एक साल का समय दिया है ताकि वह इस नए सफर का अनुभव कर सकें। जानें कि कैसे उन्होंने इस साहसिक निर्णय के पीछे की सोच और अपने वर्तमान आर्थिक हालात का सामना किया।
 

एक साहसी कदम


क्या कोई व्यक्ति अपने शौक और रचनात्मकता के लिए सालाना 1.5 करोड़ रुपये की नौकरी छोड़ सकता है? टोरंटो की प्रोडक्ट डिजाइनर हेइगी जियोंग ने ऐसा ही किया। जून 2026 में, उन्होंने लगभग 1,73,000 डॉलर की कॉर्पोरेट नौकरी को छोड़कर कंटेंट क्रिएशन और किताब लेखन पर ध्यान केंद्रित करने का निर्णय लिया।


हेइगी की नौकरी का अनुभव

हेइगी एक टेक कंपनी में अच्छी स्थिति में थीं, जहां उन्हें आकर्षक वेतन और छुट्टियों में यात्रा करने का अवसर मिलता था। फिर भी, उनकी जिंदगी बहुत व्यस्त हो गई थी। फुल टाइम नौकरी के साथ-साथ, वह सोशल मीडिया के लिए कंटेंट बना रही थीं और एक किताब पर भी काम कर रही थीं।


हेइगी का निर्णय

उनके अनुसार, इन तीन जिम्मेदारियों को संभालना ऐसा लग रहा था जैसे वह तीन फुल टाइम नौकरियों में काम कर रही हों। इसी कारण उन्होंने कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ने का निर्णय लिया।


आर्थिक स्थिति में बदलाव

अब महीने की कमाई सिर्फ ₹500


नौकरी छोड़ने के बाद, उनकी नियमित आय पूरी तरह से समाप्त हो गई। जुलाई में, कंटेंट क्रिएशन से हेइगी की कमाई केवल 6 डॉलर यानी लगभग ₹500 थी। अब उनकी आय अनिश्चित है; कभी कुछ नहीं मिलता, तो कभी अपेक्षा से अधिक।


हालांकि, किताब से मिलने वाले एडवांस ने उन्हें कुछ वित्तीय सहायता प्रदान की है। फिर भी, 1.5 करोड़ रुपये की स्थिर नौकरी की तुलना में उनकी वर्तमान आय में बड़ा अंतर है।


एक साल का प्रयोग

खुद को दिया सिर्फ एक साल का मौका


हेइगी ने अपने इस निर्णय को हमेशा के लिए कॉर्पोरेट करियर छोड़ने के रूप में नहीं देखा। उन्होंने खुद को केवल एक साल का समय दिया है। इस अवधि में, वह सेल्फ-एम्प्लॉइड के रूप में कंटेंट क्रिएशन और किताब लेखन पर ध्यान केंद्रित करेंगी। एक साल के बाद, वह अपनी स्थिति का मूल्यांकन करेंगी और तय करेंगी कि आगे क्या करना है।


निर्णय का डर

डर था कि कहीं फैसला गलत न हो जाए


इतनी सुरक्षित नौकरी छोड़ना उनके लिए आसान नहीं था। इस्तीफा देने से पहले, उन्हें इस बात की चिंता थी कि कहीं उनका निर्णय गलत साबित न हो जाए। लेकिन उनके लिए यह जोखिम लेना आवश्यक था। उनका मानना है कि अगर उन्होंने प्रयास नहीं किया, तो शायद जीवन भर उनके मन में यह सवाल रहता कि अगर उन्होंने एक बार मौका लिया होता तो क्या होता। वर्तमान में, कम आय के बावजूद, वह अपने निर्णय को एक प्रयोग के रूप में देख रही हैं।