गौरव कावत्रा की प्रेरणादायक कहानी: नौकरी से निकाले जाने के बाद नया सफर
गौरव कावत्रा की प्रेरणादायक यात्रा
नई दिल्ली: दिल्ली निवासी गौरव कावत्रा की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर लोगों को प्रेरित कर रही है। गौरव, जो पहले 70 लाख रुपये सालाना कमाते थे, अचानक बेरोजगार हो गए। उनके सिर पर 2 करोड़ रुपये का होम लोन था, और उनकी जिंदगी पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गई थी। लेकिन यह कठिनाई उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण मोड़ बन गई।
गौरव ने 2018 में एक चीनी मल्टीनेशनल कंपनी में डायरेक्टर के रूप में कार्य किया, जहां उनका सालाना पैकेज लगभग 70 लाख रुपये था। उनकी जिंदगी आरामदायक थी, और उन्होंने अपने सपनों का घर खरीदने के लिए 2 करोड़ रुपये का होम लोन लिया था।
कंपनी द्वारा निकाले जाने का कारण
हालांकि, 12 सितंबर 2018 को अचानक कंपनी ने उन्हें खराब प्रदर्शन के कारण नौकरी से निकाल दिया। गौरव ने हाल ही में लिंक्डइन पर अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें केवल 3 दिन का नोटिस दिया गया और बिना किसी सेवरेंस पैकेज के बाहर कर दिया गया। उस समय उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे उनकी पहचान और आत्मसम्मान दोनों छिन गए हों।
नौकरी जाने के बाद, उनकी स्थिति बेहद कठिन हो गई। उन्होंने नई नौकरी की तलाश में 108 कॉल किए, लेकिन हर जगह निराशा ही मिली। आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव इतना बढ़ गया कि उन्हें रात में पैनिक अटैक आने लगे। उन्होंने बताया कि तनाव कम करने के लिए वह एक रात में 12 से 15 सिगरेट पीने लगे थे, और इस लत से बाहर आने में उन्हें लगभग 8 साल लगे।
गौरव का नया दृष्टिकोण
गौरव ने कहा कि उस कठिन समय ने उन्हें जीवन का सबसे बड़ा सबक सिखाया। उन्होंने समझा कि कॉर्पोरेट क्षेत्र में अस्वीकृति को दिल से नहीं लगाना चाहिए। उनका मानना है कि मुश्किल समय में बहुत कम लोग वास्तव में साथ होते हैं, लेकिन वही कुछ लोग जीवन को बदल सकते हैं।
इसके बाद, गौरव ने नौकरी की तलाश करने के बजाय अपना खुद का रास्ता बनाने का निर्णय लिया। उन्होंने कंसल्टिंग और उद्यमिता के क्षेत्र में कदम रखा। आज, वह दावा करते हैं कि उन्होंने 6,500 करोड़ रुपये से अधिक के बड़े प्रोजेक्ट्स में सलाहकार के रूप में काम किया है और देश के 19 राज्यों में 65 से अधिक कॉर्पोरेट्स के साथ जुड़े हैं।
गौरव अब कहते हैं कि नौकरी से निकाला जाना उनके जीवन का अंत नहीं, बल्कि एक नए सफर की शुरुआत थी। उनका मानना है कि डिग्रियां पुरानी हो सकती हैं, लेकिन कौशल और अनुभव हमेशा व्यक्ति को आगे बढ़ाते हैं।