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जयपुर में गर्मी से जानवरों की सुरक्षा के लिए विशेष उपाय

जयपुर में भीषण गर्मी के बीच, नाहरगढ़ जैविक उद्यान ने जानवरों की भलाई के लिए कई विशेष उपाय किए हैं। तापमान 41 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है, जिससे वन्यजीव भी प्रभावित हो रहे हैं। उद्यान में जंबो कूलर, स्प्रिंकलर, और विशेष आहार जैसे उपायों के माध्यम से जानवरों को राहत दी जा रही है। जानें कैसे वन विभाग ने इन जानवरों की सुरक्षा सुनिश्चित की है और उनके स्वास्थ्य को बनाए रखा है।
 

गर्मी का कहर और जानवरों की सुरक्षा

जयपुर: गर्मी का प्रकोप इस समय चरम पर है, जहां जयपुर में तापमान 41 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है, और राज्य के अन्य क्षेत्रों में यह 44 डिग्री तक पहुंच गया है। इस स्थिति में न केवल मनुष्य, बल्कि वन्यजीव भी प्रभावित हो रहे हैं। नाहरगढ़ जैविक उद्यान में वन विभाग ने जानवरों की भलाई के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। एक वीडियो में भालू को शहद का आनंद लेते हुए देखा जा सकता है। यहां जानवरों को गर्मी से बचाने के लिए आधुनिक और पारंपरिक दोनों तरीकों का उपयोग किया जा रहा है, ताकि उनकी सेहत और सक्रियता बनी रहे।


जानवरों को ठंडक पहुंचाने के उपाय

नाहरगढ़ जैविक उद्यान में जानवरों को गर्मी से राहत देने के लिए पूरे पार्क में जंबो कूलर लगाए गए हैं। इन कूलरों के माध्यम से तापमान को नियंत्रित किया जा रहा है। इसके अलावा, जानवरों के लिए स्प्रिंकलर और पानी की बौछार की व्यवस्था भी की गई है।


भालू को शहद का आनंद

नाहरगढ़ जैविक उद्यान से प्राप्त वीडियो में देखा जा सकता है कि भालू को बोतल से शहद दिया जा रहा है, जिसे वह खुशी से खा रहा है। इसी तरह, अन्य जानवरों के लिए भी उनके स्वभाव के अनुसार आहार में बदलाव किए गए हैं, जिससे उन्हें गर्मी में हाइड्रेट रहने में मदद मिल रही है।


आहार में बदलाव

गर्मी के मौसम में जानवरों के आहार में विशेष परिवर्तन किए गए हैं। हिरण, हिप्पो और चीतल जैसे जानवरों को तरबूज, खरबूजा और खीरा जैसे पानी से भरपूर फल दिए जा रहे हैं। इसके अलावा, ठंडा दूध, सत्तू और आइसक्रीम जैसी चीजें भी शामिल की गई हैं, जो उन्हें हाइड्रेट रखने में मदद कर रही हैं। जानवरों के लिए अतिरिक्त पानी के तालाब और मड पॉन्ड भी बनाए गए हैं, ताकि वे गर्मी में आराम से ठंडक ले सकें।


वन विभाग की सतर्कता

वन विभाग के अधिकारी लगातार जानवरों की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है, उनके व्यवहार में किसी भी बदलाव को तुरंत देखा जा रहा है। रात के समय विशेष देखभाल की जा रही है। उद्यान प्रबंधन का कहना है कि इन उपायों से जानवरों में तनाव कम हुआ है और वे सामान्य रूप से सक्रिय बने हुए हैं। आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना को देखते हुए ये इंतजाम और मजबूत किए जा रहे हैं।


जानवरों की भलाई पर ध्यान

नाहरगढ़ जैविक उद्यान में किए जा रहे ये प्रयास केवल मौसमी नहीं हैं, बल्कि जानवरों की भलाई के लिए दीर्घकालिक सोच को दर्शाते हैं। गर्मी के मौसम में भी यहां के जानवर सामान्य रूप से घूम-फिर रहे हैं और पर्यटक उन्हें स्वस्थ देखकर खुश हैं। वन विभाग का यह प्रयास दिखाता है कि वन्यजीव संरक्षण में इंसानों की जिम्मेदारी कितनी महत्वपूर्ण है, खासकर जब प्रकृति का मिजाज इतना कठोर हो जाए।