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ताइवान में पति की जासूसी से खुला पत्नी का राज, मिली जेल की सजा

ताइवान में एक पति ने अपनी पत्नी की जासूसी की, जिससे उसे अदालत में जीत मिली और हर्जाना भी मिला। लेकिन कहानी में नया मोड़ तब आया जब पत्नी ने पति के खिलाफ गुप्त रिकॉर्डिंग का मामला दर्ज कराया, जिसके परिणामस्वरूप पति को जेल की सजा सुनाई गई। जानें इस अनोखी कहानी के सभी पहलुओं के बारे में।
 

शादी और संदेह की शुरुआत

ताइवान में एक दंपति ने 2021 में विवाह किया। 2023 में, जब वे अपने दूसरे निवास में रह रहे थे, पति को एक अज्ञात टूथब्रश मिला, जिसने उसकी पत्नी पर संदेह को जन्म दिया। पार्किंग क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज की जांच करने पर, उसने देखा कि एक अज्ञात व्यक्ति पहले भी उसकी पत्नी को घर छोड़ने आया था। इसके बाद, पति ने मामले की गहराई से जांच करने का निर्णय लिया।


रोबोट वैक्यूम से सबूत जुटाना

रोबोट वैक्यूम से जासूसी और सबूत

कुछ महीनों बाद, पति ने अपने घर में मौजूद रोबोट वैक्यूम क्लीनर के मोबाइल ऐप के माध्यम से उसके इन-बिल्ट कैमरे का एक्सेस प्राप्त किया। कैमरे की लाइव फीड में उसकी पत्नी उसी अज्ञात व्यक्ति के साथ आपत्तिजनक स्थिति में नजर आई। पति ने इस वीडियो को सबूत के रूप में सुरक्षित कर लिया और ताइवान की अदालत में हर्जाने का मुकदमा दायर किया।


अदालत का फैसला और हर्जाना

मुकदमे में जीत और हर्जाना

ताइवान में व्यभिचार को अपराध नहीं माना जाता, लेकिन वैवाहिक अधिकारों के उल्लंघन पर हर्जाने का प्रावधान है। पति ने अपनी पत्नी और उसके प्रेमी से 20 लाख ताइवानी डॉलर (लगभग $63,000) के हर्जाने की मांग की। अदालत ने रोबोट वैक्यूम के फुटेज को वैध सबूत मानते हुए पति के पक्ष में फैसला सुनाया और पत्नी व उसके प्रेमी को 5 लाख ताइवानी डॉलर (लगभग $19,000) का भुगतान करने का आदेश दिया।


पति को जेल की सजा

केस जीतने के बाद भी पति हो ही जाना पड़ा जेल

हालांकि पति ने मुकदमा जीत लिया, लेकिन कहानी में एक नया मोड़ आया। पत्नी ने पति के खिलाफ बिना सहमति के निजी पलों की गुप्त रिकॉर्डिंग करने का मामला दर्ज कराया। पति की यह दलील खारिज कर दी गई कि अदालत ने फुटेज को स्वीकार किया था। अदालत ने माना कि सबूत जुटाने का तरीका निजता के अधिकार का उल्लंघन था। नतीजतन, पति को 5 महीने की जेल की सजा सुनाई गई और 1.5 लाख ताइवानी डॉलर (लगभग $4,700) का जुर्माना भी लगाया गया।