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दुबई पुलिस ने भीख मांगने वाले ठग का भंडाफोड़ किया

दुबई पुलिस ने रमजान के पवित्र महीने में एक ठग को गिरफ्तार किया है, जो भीख मांगकर बड़ी संपत्ति जमा कर चुका था। उसके पास महंगी कारें और भारी नकदी मिली। यह कार्रवाई एक व्यापक एंटी-भिखारी अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य समाज को ठगों से मुक्त रखना है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
 

भीख मांगने वाले ठग का खुलासा


रमजान के पवित्र महीने में जब लोग दान देने के लिए तत्पर होते हैं, दुबई पुलिस ने एक चौंकाने वाला मामला उजागर किया है। पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है जिसने भीख मांगकर एक बड़ी संपत्ति जमा की थी। उसके पास तीन महंगी कारें और बड़ी मात्रा में नकदी मिली। अधिकारियों के अनुसार, वह दिन में भिखारी बनता और रात में एक रईस की तरह जीवन व्यतीत करता था। यह कार्रवाई एक व्यापक एंटी-भिखारी अभियान का हिस्सा है।


दिन में भिखारी, रात में रईस

पुलिस के अनुसार, आरोपी दिन के समय खुद को थका हुआ और मजबूर दिखाकर लोगों से मदद मांगता था। जब उसका दिन का काम खत्म होता, तो वह कपड़े बदलकर अपनी महंगी कार में बैठकर चला जाता। जांच में यह भी सामने आया कि वह लोगों की भावनाओं का फायदा उठाने में माहिर था और प्रतिदिन अच्छी खासी रकम इकट्ठा कर लेता था।


रमजान में सख्त अभियान

दुबई पुलिस ने रमजान के पहले सप्ताह में 26 से अधिक भिखारियों को पकड़ा है। यह कार्रवाई 'कॉनशस सोसाइटी, फ्री ऑफ बेगिंग' अभियान के तहत की जा रही है। इस अभियान में रेजिडेंसी और विदेशी मामलों के विभाग तथा इस्लामिक अफेयर्स विभाग भी शामिल हैं। इसका उद्देश्य शहर की छवि को सुरक्षित रखना और जरूरतमंदों तक मदद सही तरीके से पहुंचाना है। संयुक्त अरब अमीरात में भीख मांगना एक कानूनी अपराध है।


विजिट वीजा का दुरुपयोग

अधिकारियों का कहना है कि पकड़े गए लगभग 90 प्रतिशत भिखारी विजिट वीजा पर देश में आए थे। वे रमजान के दौरान लोगों की उदारता का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस का मानना है कि यह एक संगठित गतिविधि हो सकती है, इसलिए इस पर नजर रखी जा रही है। दुबई पुलिस ने नागरिकों को ऑनलाइन भीख मांगने वाले संदेशों से सतर्क रहने की सलाह दी है।


समाज से सहयोग की अपील

अधिकारियों ने कहा कि असली जरूरतमंदों की मदद मान्यता प्राप्त चैरिटी संस्थाओं के माध्यम से ही की जानी चाहिए। पुलिस ने स्पष्ट किया कि दान की भावना का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन उसका दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि समाज को भिखारियों और ठगों से मुक्त रखा जा सके।