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नॉर्वे की 'वाइकिंग रो' सेलिब्रेशन ने फीफा वर्ल्ड कप में मचाई धूम

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में नॉर्वे की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम का 'वाइकिंग रो' सेलिब्रेशन चर्चा का केंद्र बन गया है। सेनेगल के खिलाफ जीत के बाद खिलाड़ियों ने सामूहिक रूप से नाव चलाने की शैली में जश्न मनाया, जो नॉर्वे की खेल संस्कृति और पहचान का प्रतीक बन चुका है। इस अनोखे जश्न ने न केवल स्टेडियम में, बल्कि सड़कों पर भी धूम मचाई है। जानें इस सेलिब्रेशन की कहानी और इसके पीछे की सांस्कृतिक महत्ता।
 

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में नॉर्वे का अनोखा जश्न


फीफा वर्ल्ड कप 2026 में जहां कई प्रमुख खिलाड़ी और रोमांचक मुकाबले चर्चा का विषय बने हुए हैं, वहीं नॉर्वे की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम का अनूठा 'वाइकिंग रो' सेलिब्रेशन पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित कर रहा है.


सेनेगल के खिलाफ 3-2 से मिली जीत के साथ नॉर्वे ने राउंड ऑफ 32 में अपनी जगह सुनिश्चित की, लेकिन मैच के बाद का जश्न सबसे ज्यादा चर्चा में रहा.


मैदान पर अनोखा दृश्य

नॉर्वे के खिलाड़ियों ने जीत के बाद मैदान पर बैठकर नाव चलाने की शैली में सामूहिक प्रदर्शन किया, जिसे 'वाइकिंग रो' कहा जाता है. यह जश्न अब केवल एक सेलिब्रेशन नहीं, बल्कि नॉर्वे की खेल संस्कृति और राष्ट्रीय पहचान का प्रतीक बन चुका है. सेनेगल के खिलाफ महत्वपूर्ण जीत के बाद, नॉर्वे के स्टार स्ट्राइकर अर्लिंग हालैंड, कप्तान मार्टिन ओडेगार्ड और पूरी टीम मैदान पर बैठ गई. इसके बाद खिलाड़ियों ने एक साथ नाव खेने जैसी गतिविधि शुरू की, जिसे देखकर स्टेडियम में मौजूद हजारों समर्थक भी उत्साहित हो गए.


⚔️🚣‍♂️🇳🇴 Great view of Norway's now famous 'Viking Row' at the MetLife Stadium in New Jersey, New York. pic.twitter.com/Hf3REymus6

— Ultras Clips (@ultras_clips) June 23, 2026


Norway fans celebrating the World Cup game W the only way they know how: full Viking Row takeover in the middle of Oslo streets 🇳🇴🔥 Even random people stopped and jumped in 😂 pic.twitter.com/NHoifYkm7Q

— KumoriRaver (@kumoriRaver) June 23, 2026


वाइकिंग रो की सांस्कृतिक महत्ता

हालैंड ने इस टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार गोल किए हैं, लेकिन मैच के बाद टीम का सामूहिक जश्न उनके प्रदर्शन से भी ज्यादा चर्चा में रहा. 'वाइकिंग रो' की प्रेरणा नॉर्वे की ऐतिहासिक समुद्री परंपरा और वाइकिंग संस्कृति से ली गई है. सदियों पहले वाइकिंग योद्धा लंबी नौकाओं में समुद्र पार करते थे. उसी विरासत को आधुनिक अंदाज में मैदान पर जीवंत किया जा रहा है. यही कारण है कि यह जश्न नॉर्वे के लोगों के लिए केवल खेल का हिस्सा नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक पहचान को प्रदर्शित करने का माध्यम भी बन गया है.


The Norwegian team and fans doing the Row are just beautiful.pic.twitter.com/hi2YqZimUi

— World Cup 2026 Daily (@TotalFootball) June 23, 2026


समर्थकों का उत्साह

पूरे टूर्नामेंट के दौरान नॉर्वे के समर्थकों को हर जगह 'वाइकिंग रो' करते देखा गया. फैन जोन, स्टेडियम, शहरों की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर हजारों लोग इस ट्रेंड का हिस्सा बने. नॉर्वे की क्वालिफिकेशन से पहले न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में भी बड़ी संख्या में समर्थक जुटे और सामूहिक रूप से 'रोइंग' करते नजर आए. यह दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और दुनियाभर में लोगों का ध्यान आकर्षित करने लगा. इस सेलिब्रेशन की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह खेल मैदान से निकलकर नॉर्वे की राजनीति तक पहुंच गया. वर्ल्ड कप में टीम की सफलता के समर्थन में नॉर्वे की संसद के कई सदस्यों ने भी सरकारी भवन के भीतर 'वाइकिंग रो' कर टीम का उत्साह बढ़ाया.