पुणे में एंबुलेंस लापरवाही: मरीज सड़क पर गिरा, सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सवाल
पुणे में एंबुलेंस की लापरवाही का मामला
महाराष्ट्र के पुणे में एंबुलेंस स्टाफ की लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। रविवार रात एक बेघर मरीज चलती एंबुलेंस से स्ट्रेचर के साथ सड़क पर गिर गया। बताया गया है कि एंबुलेंस का पिछला दरवाजा ठीक से बंद नहीं था और स्ट्रेचर के पहियों को लॉक नहीं किया गया था। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है।
मरीज का अस्पताल में भर्ती होना
सूत्रों के अनुसार, मरीज को संक्रमण के इलाज के लिए पिंपरी के यशवंतराव चव्हाण मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में आवश्यक सुविधाओं की कमी के कारण उसे पुणे के ससून जनरल अस्पताल में रेफर किया गया।
कैसे हुआ हादसा?
नियमों के अनुसार, मरीज के साथ कोई रिश्तेदार या देखभाल करने वाला नहीं था, इसलिए एंबुलेंस में एक पुलिस अधिकारी तैनात किया गया था। जैसे ही एंबुलेंस YCM अस्पताल के मुख्य गेट से बाहर निकली, उसका पिछला दरवाजा अचानक खुल गया और मरीज स्ट्रेचर के साथ सड़क पर गिर गया।
एंबुलेंस की वापसी
महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड़ में YCM अस्पताल की एंबुलेंस से स्ट्रेचर समेत मरीज सड़क पर गिर गया। घटना के बाद लोगों ने चालक से जवाब मांगा। मरीज को वापस अस्पताल ले जाया गया। आखिर इस गंभीर लापरवाही की जिम्मेदारी कौन लेगा? #YCMHospital #PimpriChinchwad #AmbulanceNegligence #PatientSafety
— News Media (@NewsMedia) October 12, 2026
हादसे के बाद सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि एंबुलेंस तुरंत नहीं रुकी। लगभग 90 सेकंड बाद एंबुलेंस फिर से घटनास्थल पर पहुंची। इस दौरान आसपास के राहगीरों ने मरीज और स्ट्रेचर को सड़क से हटा कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
सुरक्षा व्यवस्था में खामियां
घटना की प्रारंभिक जांच में एंबुलेंस की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। अधिकारियों के अनुसार, स्ट्रेचर के पहियों को ठीक से लॉक नहीं किया गया था। इसके अलावा, जिस कर्मचारी को मरीज के साथ रहना था, वह यात्री सीट पर बैठा हुआ था। बताया गया कि ड्राइवर को यह भी नहीं पता चला कि मरीज एंबुलेंस से गिर चुका है। इन लापरवाहियों के कारण अस्पताल की एंबुलेंस सेवा के सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सवाल उठ गए हैं।
अस्पताल प्रशासन की कार्रवाई
वीडियो के वायरल होने और लोगों की नाराजगी के बाद अस्पताल प्रशासन ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है। अस्पताल के डीन डॉ. राजेंद्र वाबले ने बताया कि ड्राइवर और एक स्टाफ सदस्य को नोटिस जारी किया गया है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
घटना का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने गुस्सा व्यक्त किया। कई यूजर्स ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। एक यूजर ने कहा कि मरीज की किस्मत अच्छी थी कि एंबुलेंस के पीछे उस समय कोई वाहन नहीं था।