पेन ड्राइव और मेमोरी कार्ड की कीमतों में अचानक वृद्धि, स्मार्टफोन पर भी असर
नई दिल्ली में स्टोरेज डिवाइस की कीमतों में उछाल
नई दिल्ली: यदि आप हाल ही में पेन ड्राइव, मेमोरी कार्ड या नया स्मार्टफोन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपको अपने बजट में बदलाव करने की आवश्यकता हो सकती है। हाल के हफ्तों में स्टोरेज डिवाइस की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है, जो लगभग दोगुनी हो गई हैं। इस महंगाई का मुख्य कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीकों की बढ़ती मांग है। आइए जानते हैं कि कैसे AI के विकास ने वैश्विक सप्लाई चेन को प्रभावित किया है।
AI के कारण सप्लाई चेन में बाधा
मार्केट रिसर्च फर्म IDC की रिपोर्ट के अनुसार, AI के बुनियादी ढांचे के तेजी से विस्तार ने मेमोरी कार्ड की सप्लाई चेन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। स्मार्टफोन और पीसी में उपयोग होने वाले DRAM और NAND तकनीक वाले चिप्स की मांग अब AI डेटा सेंटर्स में सबसे अधिक हो गई है। प्रमुख टेक कंपनियां जैसे माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, मेटा और अमेजन AI प्रोसेसर्स के लिए सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स, एसके हाइनिक्स और माइक्रोन टेक्नोलॉजी जैसे बड़े सप्लायर्स पर दबाव बना रही हैं। ये कंपनियां अधिक कीमत चुकाकर स्टॉक खरीद रही हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं के लिए बाजार में कमी आ गई है। IDC का अनुमान है कि यह कमी 2026 से 2027 की दूसरी छमाही तक बनी रह सकती है।
स्मार्टफोन की कीमतों में वृद्धि
इस वैश्विक कमी का सीधा असर गैजेट्स की कीमतों पर पड़ रहा है। किसी भी स्मार्टफोन या पीसी की कुल लागत में मेमोरी चिप का हिस्सा 15 से 20 प्रतिशत तक होता है। चिप की कमी के कारण, नए स्मार्टफोन की कीमतों में 10 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि हो रही है। रिपोर्ट के अनुसार, DRAM की कीमत में हर महीने 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो रही है। अक्टूबर से जनवरी के बीच मेमोरी कार्ड की कीमतें 40 प्रतिशत तक बढ़ गई थीं, और फरवरी में इसमें 25 प्रतिशत का और इजाफा हुआ।
पेन ड्राइव की कीमतों में दोगुनी वृद्धि
थोक बाजार में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की कीमतें हर सप्ताह बदल रही हैं। दिल्ली और अन्य बड़े इलेक्ट्रॉनिक बाजारों के थोक विक्रेताओं के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से मार्च के बीच पेन ड्राइव की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। इस महंगाई का सबसे अधिक प्रभाव शादी के सीजन में वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी करने वाले पेशेवरों पर पड़ा है, जिनका काम उच्च-स्टोरेज मेमोरी कार्ड और फ्लैश ड्राइव पर निर्भर है।
हाल के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी में 32GB की पेन ड्राइव की कीमत 180 से 200 रुपये थी, जो मार्च में बढ़कर 340 से 360 रुपये तक पहुंच गई है। इसी तरह, 64GB की पेन ड्राइव, जो पहले 395 से 415 रुपये में मिल रही थी, अब मार्च में 580 रुपये के थोक भाव पर बिक रही है। कीमतों में यह बड़ा अंतर सीधे ग्राहकों की जेब पर असर डाल रहा है और रिटेल मार्केट में हलचल मचा रहा है।