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बेंगलुरु में वीआईपी मूवमेंट के खिलाफ नागरिक का विरोध वायरल

बेंगलुरु में एक नागरिक ने वीआईपी मूवमेंट के कारण ट्रैफिक जाम पर विरोध किया, जब वह अपनी गर्भवती पत्नी के साथ फंस गया। उसने सड़क पर बैठकर अपनी नाराजगी जताई, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस घटना ने वीआईपी संस्कृति पर बहस को फिर से जीवित कर दिया है। जानें इस मामले की पूरी कहानी और इसके पीछे की वजहें।
 

बेंगलुरु में ट्रैफिक जाम का मामला

बेंगलुरु: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में वीआईपी मूवमेंट के कारण ट्रैफिक जाम पर एक नागरिक का विरोध सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। राज्यपाल थावरचंद गहलोत के काफिले के गुजरने के लिए ओल्ड एयरपोर्ट रोड पर यातायात रोक दिया गया था। इस दौरान एक व्यक्ति, जो अपनी गर्भवती पत्नी के साथ यात्रा कर रहा था, लंबे समय तक ट्रैफिक में फंसा रहा और अंततः नाराज होकर सड़क पर बैठ गया।


सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो

इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में व्यक्ति ट्रैफिक पुलिस से बहस करता हुआ नजर आता है। वह बार-बार यह सवाल उठाता है कि क्या आम नागरिकों का समय महत्वपूर्ण नहीं है। उसने कहा कि उसकी पत्नी गर्भवती है और उन्हें भी जरूरी काम से जाना है, फिर सड़क को पूरी तरह क्यों बंद किया गया है।


क्या भारत में वीवीआईपी के लिए सड़कें बंद होंगी ⁉️

एक व्यक्ति अपनी गर्भवती पत्नी के साथ ट्रैफिक जाम में फंस गया। आधे घंटे इंतजार करने के बाद, वह नाराज होकर सड़क पर धरना देने बैठ गया।

बेंगलुरु में राज्यपाल के वीवीआईपी मूवमेंट के लिए। pic.twitter.com/nC5uml5PcZ

— श्रुति धोर (@ShrutiDhore) 1 जून, 2026


युवक की पुलिस से बातचीत

वीडियो में युवक ट्रैफिक इंस्पेक्टर से कहता है, 'मेरी पत्नी गर्भवती है। हमें भी काम पर जाना है। क्या सिर्फ इसलिए कि राज्यपाल वीआईपी हैं, हम महत्वपूर्ण नहीं हैं?' पुलिस अधिकारी उसे समझाने की कोशिश करते हैं कि वह भी एक महत्वपूर्ण नागरिक है और उसे सड़क से हट जाना चाहिए।


हालांकि, युवक अपनी जगह से हटने से इनकार कर देता है। पुलिस अधिकारी उसे कई बार उठने के लिए कहते हैं, लेकिन वह लगातार मना करता रहता है। अंततः राज्यपाल का काफिला वहां से गुजर जाता है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि स्थिति कैसे सामान्य हुई और युवक वहां से कैसे हटा।


वीआईपी संस्कृति पर बहस

यह घटना एक बार फिर देश में वीआईपी संस्कृति पर बहस को जन्म देती है। हाल ही में प्रधानमंत्री ने भी वीआईपी संस्कृति में सादगी लाने की आवश्यकता पर जोर दिया था। उन्होंने मंत्रियों और अधिकारियों से अनावश्यक दिखावे और खर्च को कम करने की बात कही थी। इसी दिशा में प्रधानमंत्री ने अपने काफिले के आकार में 50 प्रतिशत तक कमी करने और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए थे।