142 साल की उम्र में सऊदी अरब के नासिर अल वदई का निधन: एक ऐतिहासिक जीवन की कहानी
सऊदी अरब के सबसे उम्रदराज व्यक्ति का निधन
नई दिल्ली: सऊदी अरब के नासिर बिन रदान अल राशिद अल वदई, जिन्हें देश का सबसे वृद्ध व्यक्ति माना जाता था, का हाल ही में 142 वर्ष की आयु में निधन हो गया। स्थानीय समाचारों के अनुसार, उनका निधन 11 जनवरी 2026 को हुआ। उनका अंतिम संस्कार दक्षिणी सऊदी के धहरान अल जनूब में किया गया, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए। उन्हें उनके पैतृक गांव अल राशिद में दफनाया गया, जहां उनके अंतिम संस्कार में 7000 से अधिक लोग उपस्थित थे।
एक ऐतिहासिक जीवन का गवाह
नासिर अल वदई का जन्म 19वीं सदी के अंत में हुआ, जब सऊदी अरब का एकीकरण नहीं हुआ था। उन्होंने किंग अब्दुलअजीज से लेकर वर्तमान बादशाह सलमान तक के शासनकाल को देखा। उनका जीवन सऊदी अरब के कबीलाई समाज से आधुनिक राष्ट्र बनने की यात्रा का जीवंत उदाहरण था।
वे राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक परिवर्तनों के साक्षी रहे। लोग उन्हें उस पीढ़ी का अंतिम सदस्य मानते थे, जिसने देश को पुराने समय से नई ऊंचाइयों तक पहुंचते देखा।
धार्मिकता और धैर्य का प्रतीक
परिवार के सदस्यों के अनुसार, नासिर अल वदई एक धार्मिक और सादगी पसंद व्यक्ति थे। उन्होंने अपने जीवन में 40 से अधिक बार हज किया, जो एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। उनकी जिंदगी में ईमान, धैर्य और इबादत की मिसाल देखने को मिलती थी। खास बात यह है कि उन्होंने 110 वर्ष की आयु में अंतिम विवाह किया और बाद में एक बेटी के पिता बने। उनकी संतान और पोते-पोतियों की कुल संख्या 134 बताई जा रही है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
उनके निधन की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई। लोग उन्हें लंबी उम्र, मजबूत आस्था और धैर्य का प्रतीक मानते हैं। कई उपयोगकर्ताओं ने लिखा कि नासिर अल वदई केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि सऊदी अरब का जीवित इतिहास थे। उनकी कहानी आज के समय में यह संदेश देती है कि उम्र से ज्यादा महत्वपूर्ण है एक अच्छी जिंदगी जीना और आस्था पर कायम रहना।
यह घटना वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बनी। हालांकि, उनकी उम्र को लेकर कुछ सवाल भी उठे हैं, क्योंकि पुराने समय में जन्म प्रमाण पत्र कम होते थे, लेकिन स्थानीय मीडिया और परिवार ने इसे 142 वर्ष बताया।