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अमेरिका-ईरान समझौते में देरी का कारण पाकिस्तान में प्रेस की आजादी की कमी: जेडी वैंस

हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते की शर्तों को छिपाने का आरोप ट्रंप प्रशासन पर लगा है। उप-राष्ट्रपति जेडी वैंस ने बताया कि पाकिस्तान में प्रेस की आजादी की कमी के कारण समझौते का विवरण जारी करने में देरी हुई। यह समझौता पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता से हुआ है। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है और आगे की तकनीकी बातचीत का क्या कार्यक्रम है।
 

समझौते की शर्तों पर विवाद

हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते की शर्तों को छिपाने का आरोप डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन पर लगा है। विपक्षी डेमोक्रेट्स ने सरकार पर आरोप लगाया कि ट्रंप प्रशासन जानबूझकर इस डील की शर्तों को सार्वजनिक नहीं करना चाहता। बुधवार को अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों के अस्थायी युद्धविराम के बाद समझौते की शर्तें तुरंत सार्वजनिक की गईं। अब अमेरिका के उप-राष्ट्रपति जेडी वैंस ने इस देरी का एक कारण बताया है।


जेडी वैंस का बयान

एक पॉडकास्ट में जेडी वैंस ने कहा कि पाकिस्तान में प्रेस की स्वतंत्रता की कमी के कारण समझौते का विवरण जारी करने में देरी हुई। यह समझौता पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता से हुआ है।


यह उल्लेखनीय है कि डोनाल्ड ट्रंप ने 15 जून को अंतरिम शांति समझौते की घोषणा की थी, और इसके दो दिन बाद, 17 जून को इसका टेक्स्ट जारी किया गया। इस देरी पर अमेरिका में सवाल उठने लगे।


पाकिस्तान में प्रेस की आजादी की कमी

'इंटरेस्टिंग टाइम्स विद रॉस डौथैट' पॉडकास्ट में जेडी वैंस ने कहा, 'हम वास्तव में इसे (टेक्स्ट) बाहर लाना चाहते थे। मुझे लगता है कि तालमेल न होने का एक कारण यह है कि पाकिस्तानी और कतरी सिस्टम में 'फर्स्ट अमेंडमेंट' और प्रेस की आजादी जैसी चीजें उस तरह से नहीं हैं।'


उन्होंने आगे कहा, 'इस वजह से पाकिस्तान में यह उम्मीद नहीं है कि यह टेक्स्ट अमेरिकी लोगों के सामने आएगा, ताकि वे इसे देख सकें और समझ सकें, लेकिन यह सामने जरूर आएगा।'


अमेरिकी संविधान का 'फर्स्ट अमेंडमेंट' अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, प्रेस की स्वतंत्रता और धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ कानून बनाने से रोकता है, जबकि पाकिस्तान और कतर में ऐसा संविधानिक ढांचा नहीं है।


तकनीकी स्तर की बातचीत

जेडी वैंस के बयान के बीच पाकिस्तान ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच तकनीकी स्तर की बातचीत स्विट्जरलैंड में रविवार को होगी। पहले यह बैठक शनिवार को निर्धारित थी, लेकिन इसे अचानक रद्द कर दिया गया।


पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि कतर और उसके प्रतिनिधि भी इस बैठक में शामिल होंगे। मंत्रालय ने कहा, 'इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के बाद 21 जून को स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक में तकनीकी स्तर की वार्ता आयोजित की जाएगी।' ईरान के सरकारी टीवी ने भी पुष्टि की है कि ईरान ने अपना एक दल भेजा है।