एस्सार का अमेरिका में 18 अरब डॉलर का निवेश: मेसाबी मेटालिक्स का नया स्टील कॉम्प्लेक्स
निवेश की घोषणा
भारतीय व्यवसाय समूह एस्सार की अमेरिकी शाखा मेसाबी मेटालिक्स ने अमेरिका में 18 अरब डॉलर के निवेश की योजना बनाई है। यह घोषणा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 28 सितंबर को व्हाइट हाउस में की। एस्सार की सिस्टर कंपनी मिनेसोटा में स्थित अपनी लौह अयस्क खदान को आयोवा में प्रस्तावित स्टील कॉम्प्लेक्स से जोड़ेगी। इस अवसर पर डोनाल्ड ट्रंप ने एस्सार के रवि रुइया और मेसाबी मेटालिक्स के चेयरमैन रेवंत रुइया से मुलाकात की।
रेवंत रुइया का उत्साह
रेवंत रुइया ने इस परियोजना के प्रति अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि भले ही उनका जन्म भारत में हुआ हो, लेकिन उनकी शिक्षा अमेरिका में हुई है। उन्होंने इसे अपने लिए एक 'होम कमिंग' के रूप में देखा। कंपनी का उद्देश्य एक ऐसी सप्लाई चेन स्थापित करना है, जिसमें अयस्क की खुदाई से लेकर स्टील उत्पादन तक सभी प्रक्रियाएं अमेरिका में हों।
मेसाबी रेंज का महत्व
मेसाबी रेंज, जो उत्तर-पूर्वी मिनेसोटा में स्थित है, लगभग 180 किलोमीटर लंबी है और इसे अमेरिका का प्रमुख लौह अयस्क खनन क्षेत्र माना जाता है। यहां का स्थानीय ओजिब्वे समुदाय इसे मिसाबे-वाजिव के नाम से जानता था, जिसका अर्थ है विशाल पहाड़।
खनिज की खोज का इतिहास
मेसाबी रेंज में लौह अयस्क की खोज 1890 में मेरिट भाइयों द्वारा की गई थी। खुदाई माउंटेन आयरन के पास शुरू हुई और 1892 में पहली खेप रेल द्वारा डुलुथ पहुंची। यहां का अयस्क नरम था और जमीन के करीब पाया जाता था, जिससे इसे आसानी से निकाला जा सकता था।
अमेरिका के लिए रेंज का महत्व
1900 से 1980 के बीच अमेरिका के कुल लौह अयस्क उत्पादन का लगभग 60 प्रतिशत इसी रेंज से आया। यहां की हिबिंग शहर में दुनिया की सबसे बड़ी खुली लौह अयस्क खदान भी स्थित है।
मेसाबी रेंज से उत्पाद
20वीं सदी के मध्य में उच्च गुणवत्ता वाले अयस्क की कमी होने लगी, जिसके बाद मिनेसोटा विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने टैकोनाइट से पेलेट बनाने की तकनीक विकसित की। टैकोनाइट एक कम गुणवत्ता वाला अयस्क है, जिसमें लगभग 30 से 35 प्रतिशत लोहा होता है।
खनन कंपनियों की संख्या
मेसाबी आयरन रेंज पर वर्तमान में 6 खनन और प्रोसेसिंग केंद्र कार्यरत हैं, जिनमें क्लीवलैंड-क्लिफ्स, आर्सेलर मित्तल और यूनाइटेड स्टेट्स स्टील शामिल हैं। अब एस्सार ग्रुप भी इस क्षेत्र में शामिल हो गया है।
एस्सार की योजनाएं
मेसाबी मेटालिक्स की खदान नैशवॉक के पास स्थित है, जिसमें अब तक लगभग 3 अरब डॉलर का निवेश किया जा चुका है। कंपनी का कहना है कि यह अमेरिका में 50 वर्षों में खुली पहली नई लौह अयस्क खदान है।
निवेश की लागत
आयोवा के प्रस्तावित कॉम्प्लेक्स पर 15 अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा, जिसे अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा यूनिफाइड स्टील निवेश माना जा रहा है।
रोजगार के अवसर
कंपनी का दावा है कि काम शुरू होने पर कम से कम 1,750 लोगों को स्थायी रोजगार मिलेगा। वर्तमान में खदान में 1,500 से अधिक निर्माण श्रमिक और 200 से अधिक स्थायी कर्मचारी कार्यरत हैं।
कंपनी की कार्यप्रणाली
आयोवा में डायरेक्ट रिडक्टेड आयरन (DRI) और इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस तकनीक का उपयोग किया जाएगा। DRI प्रक्रिया में अयस्क को पिघलाए बिना ऑक्सीजन हटाई जाती है, जिससे ठोस लोहा प्राप्त होता है।
प्रोजेक्ट का महत्व
अमेरिकी स्टील कंपनियां आमतौर पर ब्लास्ट फर्नेस या कबाड़ पर चलने वाली इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस पर निर्भर होती हैं। एस्सार दोनों तकनीकों को मिलाकर एक नया मॉडल पेश करना चाहता है, जो घरेलू कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा।