डोनाल्ड ट्रंप का रूस से डीजल खरीदने का निर्णय: वैश्विक प्रतिक्रिया
ट्रंप का नया एलान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि रूस अब अमेरिका और दुनिया को डीजल की आपूर्ति करेगा। उन्होंने कहा कि उनकी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बातचीत 'काफी सफल' रही है। जबकि वे रूस पर व्यापारिक टैरिफ लगाने की बात करते हैं, अब वे उसी देश से तेल खरीदने का निर्णय ले रहे हैं। अमेरिका ने यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए रूस पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं, लेकिन अब ट्रंप ने रूस से डीजल खरीदने का कदम उठाया है।
डीजल की कीमतों में गिरावट की उम्मीद
ट्रंप का कहना है कि इससे डीजल की कीमतें तेजी से गिरेंगी। अमेरिका में मध्यावधि चुनाव में एक महीने से भी कम समय बचा है, और महंगाई इस चुनाव का एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गई है। ट्रंप अपनी छवि को सुधारने के लिए यह निर्णय ले रहे हैं। हाल के महीनों में उनके निर्णयों के कारण वैश्विक आर्थिक अस्थिरता उत्पन्न हुई है।
समझौते की शर्तें
ट्रंप के अनुसार, रूस तुरंत 3 लाख टन से अधिक डीजल की आपूर्ति करेगा। नवंबर में 5 लाख टन और उसके बाद 10 लाख टन की आपूर्ति की जाएगी। अमेरिकी वित्त विभाग ने बताया कि ट्रंप ने रूसी डीजल की आपूर्ति के लिए अस्थायी सामान्य लाइसेंस जारी करने का अनुरोध किया है।
क्या ट्रंप अपने ही कानून से पलट रहे हैं?
ट्रंप ने हाल ही में 'लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट 2026' पर हस्ताक्षर किए थे, जो राष्ट्रपति को रूसी कच्चे तेल या गैस खरीदने वाले देशों पर टैरिफ लगाने का अधिकार देता है। अब वे अपने ही निर्णय से पलटते हुए नजर आ रहे हैं।
वैश्विक प्रतिक्रिया
CNBC की रिपोर्ट के अनुसार, कैटो इंस्टीट्यूट के उपाध्यक्ष स्कॉट लिंसिकम ने सवाल उठाया है कि क्या अमेरिका खुद पर टैरिफ लगाएगा। डेमोक्रेट सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने इसे अमेरिकी कांग्रेस की मंशा के खिलाफ बताया। जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी के पीटर हैरेल ने कहा कि यह साबित करता है कि यह कानून ट्रंप प्रशासन को रूस पर आर्थिक दबाव डालने में असफल रहा।
रूस की प्रतिक्रिया
रूस के आर्थिक दूत किरिल दिमित्रिएव ने कहा है कि डीजल और ऊर्जा में रूस-अमेरिका सहयोग से दुनिया को लाभ होगा।
यूक्रेन की चिंता
वोलोदिमीर जेलेंस्की, राष्ट्रपति, यूक्रेन:-
एक समझौता हो गया है जिसके तहत अमेरिका रूस को डीजल ईंधन निर्यात करने की अनुमति दे रहा है। इसका मतलब है कि रूस को इस युद्ध के लिए और पैसा मिल रहा है, जिससे वो हम पर और ज्यादा हमले कर सके।
ट्रंप के बार-बार पलटने का कारण
ट्रंप प्रशासन पहले भी रूसी ऊर्जा प्रतिबंधों में अस्थायी ढील दे चुका है। इस बार का निर्णय इससे बड़ा माना जा रहा है, और ट्रंप अपने आलोचकों के निशाने पर हैं।