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नित्या रमन बनीं लॉस एंजेल्स की पहली दक्षिण एशियाई मेयर

भारतीय मूल की नित्या रमन ने लॉस एंजेल्स में मेयर चुनाव जीतकर एक नया इतिहास रच दिया है। 52% वोट हासिल कर उन्होंने मौजूदा मेयर करेन बास को हराया। नित्या का सफर त्रिशूर से शुरू होकर हार्वर्ड और MIT तक पहुंचा है। उनकी जीत का जश्न भारत में भी मनाया जा रहा है। जानें उनके राजनीतिक सफर और लॉस एंजेल्स के लिए उनके विजन के बारे में।
 

नित्या रमन की ऐतिहासिक जीत

भारतीय मूल की नित्या रमन ने अमेरिका में मेयर चुनाव में सफलता प्राप्त की है। न्यूयॉर्क में जोहरान ममदानी के बाद, 45 वर्षीय नित्या ने 5 नवंबर 2026 को हुए चुनावों में लगभग 52% वोट हासिल कर मौजूदा मेयर करेन बास को हराया। इस जीत के साथ, वह लॉस एंजेल्स की पहली दक्षिण एशियाई मेयर बन गई हैं।


भारत में भी मनाया जा रहा जश्न

नित्या की जीत का जश्न केवल अमेरिका में नहीं, बल्कि भारत के केरल के त्रिशूर और तिरुवनंतपुरम में भी मनाया जा रहा है। तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर ने उन्हें 'तिरुवनंतपुरम की बेटी' कहकर बधाई दी।


त्रिशूर से हार्वर्ड और MIT तक का सफर

नित्या रमन का जन्म जुलाई 1981 में केरल के त्रिशूर में हुआ। उनके पिता आर. वेंकटरमन एक इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी में कार्यरत थे, जबकि मां सुधा केचरी एक बैंक में थीं। नित्या छह साल की उम्र में अमेरिका चली गईं, लेकिन वह अपनी संस्कृति से जुड़ी रहीं। उन्होंने 2003 में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से सोशल स्टडीज में ग्रेजुएशन किया और 2008 में MIT से अर्बन प्लानिंग में मास्टर डिग्री प्राप्त की।


भारत से गहरा नाता

विदेश में रहने के बावजूद, नित्या का भारत से गहरा संबंध बना रहा। हार्वर्ड से स्नातक होने के बाद, उन्होंने दिल्ली में बेघर लोगों के अधिकारों के लिए काम किया। 2010 में, उन्होंने चेन्नई में 'ट्रांसपेरेंट चेन्नई' नामक पहल शुरू की, जिससे गरीबों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाया गया।


राजनीति में कदम और ऐतिहासिक जीत

नित्या ने 2020 में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की, जब उन्होंने लॉस एंजेल्स सिटी काउंसिल की सीट जीती। वह काउंसिल में पहुंचने वाली पहली दक्षिण एशियाई महिला बनीं। 2024 में, उन्होंने दोबारा चुनाव जीता। 2026 में, उन्होंने मेयर पद के लिए चुनाव लड़ा और 5 नवंबर को 52% वोट हासिल कर करेन बास को हराया।


लॉस एंजेल्स के लिए नित्या का नया विजन

मेयर बनने के बाद, नित्या रमन ने शहर के लिए कई प्राथमिकताएं निर्धारित की हैं। उनका मुख्य लक्ष्य अगले दो वर्षों में बेघर लोगों की संख्या को आधा करना है। इसके अलावा, वह किराए में वृद्धि को रोकने, किफायती आवास उपलब्ध कराने और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने की योजना बना रही हैं।