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मिशिगन में वैंस और अल-सईद के बीच तीखी बहस

मिशिगन में डेमोक्रेटिक सीनेट उम्मीदवार अब्दुल अल-सईद और उपराष्ट्रपति जेडी वैंस के बीच जुबानी टकराव ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। वैंस ने अल-सईद को शरिया कानून का समर्थक बताते हुए उनकी पत्नी का नाम लेने पर सख्त चेतावनी दी। इस विवाद की शुरुआत ओहायो में एक रैली से हुई थी, जहां वैंस ने अल-सईद पर तीखे आरोप लगाए। उषा वैंस ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। जानें इस राजनीतिक जंग के सभी पहलुओं के बारे में।
 

वैंस और अल-सईद के बीच जुबानी टकराव

मिशिगन में डेमोक्रेटिक सीनेट उम्मीदवार अब्दुल अल-सईद और उपराष्ट्रपति जेडी वैंस के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। वैंस ने रिपब्लिकन सीनेट उम्मीदवार माइक रोजर्स के समर्थन में एक MAGA रैली में भाग लिया, जहां उन्होंने अल-सईद को चेतावनी दी, 'मेरी पत्नी का नाम अपने मुंह से मत लो।' वैंस ने अल-सईद को शरिया कानून का समर्थक और दुष्ट करार दिया।


विवाद की शुरुआत

यह विवाद ओहायो में एक रैली से शुरू हुआ, जहां वैंस ने अल-सईद को शरिया कानून का समर्थक बताया। उन्होंने कहा कि अगर वह समय में पीछे जा सकते, तो अपने दादा से उस नेता के बारे में बात करते, जो मेहनतकश लोगों का हितैषी होने का दावा करता है, जबकि वास्तव में वह शरिया कानून का समर्थन करता है। वैंस ने यह भी कहा कि यह उनके दादाजी की डेमोक्रेटिक पार्टी नहीं है।


अल-सईद की प्रतिक्रिया


अल-सईद ने वैंस के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए एक्स पर लिखा कि उन्हें नहीं पता कि वैंस अपने दादा से मिलवाने जा रहे हैं या नहीं। मिशिगन में आयोजित रैली में वैंस ने अल-सईद को जवाब देते हुए कहा, 'अब्दुल, तुम जो चाहो कह सकते हो, लेकिन मेरी पत्नी का नाम मत लो, क्योंकि वह तुम्हारी पहुंच से बहुत दूर है।'


जेडी वैंस की नाराजगी

जेडी वैंस अपनी पत्नी का नाम राजनीति में घसीटने से नाराज हैं। उनकी पत्नी उषा, जो एक हिंदू परिवार से हैं, के नाम का उल्लेख अल-सईद ने किया था। वैंस ने मतदाताओं से माइक रोजर्स का समर्थन करने और अल-सईद को खारिज करने की अपील की।


उषा वैंस की प्रतिक्रिया

फॉक्स न्यूज के एक कार्यक्रम में उषा वैंस ने कहा कि उन्हें अल-सईद के बयान पर हंसी आ रही है। उन्होंने कहा कि वह जेडी वैंस के दादा-दादी से नहीं मिली हैं, लेकिन उनके परिवार के अन्य सदस्यों को जानती हैं। मिशिगन की सीनेट सीट अमेरिकी सीनेट पर नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि यह उन छह सीटों में से एक है जहां मुकाबला कड़ा है।