पाकिस्तान की सेना और सऊदी अरब: हूती विद्रोहियों के खिलाफ कार्रवाई की चर्चा
पाकिस्तान की सैन्य भागीदारी
पाकिस्तान की सेना ने सऊदी अरब के साथ मिलकर यमन के हूती विद्रोहियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। एक पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी ने एक अमेरिकी समाचार पत्र को बताया कि पाकिस्तानी फाइटर जेट यमन में विद्रोहियों के खिलाफ हवाई हमलों में शामिल हो रहे हैं। हालांकि, इस रिपोर्ट के प्रकाश में आने के तुरंत बाद पाकिस्तान ने इसे खारिज करते हुए इसे झूठा और मनगढ़ंत बताया।
पाकिस्तानी सेना की भूमिका
एक अन्य अधिकारी ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान की सेना केवल एयर डिफेंस में सहायता कर रही है और हूती विद्रोहियों के खिलाफ किसी भी हमले में भाग नहीं ले रही है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में सऊदी अरब में 8000 से अधिक पाकिस्तानी सैनिक तैनात हैं।
सऊदी अरब में पाकिस्तानी सैनिकों की तैनाती
पाकिस्तान सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने एक अमेरिकी न्यूज चैनल से बातचीत में सऊदी अरब में पाकिस्तानी सैनिकों की तैनाती की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी सैनिक विभिन्न क्षमताओं में काम कर रहे हैं, और सऊदी अरब में उनकी मौजूदगी दशकों से है।
NYT की रिपोर्ट का प्रभाव
हाल ही में पाकिस्तान और तुर्की ने मक्का समझौते के तहत सऊदी अरब में अपनी सेना तैनात करने पर सहमति जताई थी। 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' की रिपोर्ट ने पाकिस्तान में हलचल मचा दी है। इस रिपोर्ट में एक पाकिस्तानी अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि मक्का समझौते के तहत पाकिस्तानी एयरफोर्स के जेट विमानों का उपयोग किया जा रहा है। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान यमन में ड्रोन और मिसाइल खतरों को कम करने में मदद कर रहा है।
पाकिस्तान की चिंताएं
पाकिस्तान सऊदी अरब के साथ सैन्य सहयोग को बढ़ावा देना चाहता है, लेकिन ईरान के साथ संबंधों को भी नुकसान नहीं पहुंचाना चाहता। इसी कारण, सूचना मंत्रालय ने न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट पर तुरंत प्रतिक्रिया दी और इसे झूठा करार दिया। इस रिपोर्ट के बाद इस्लामाबाद में चिंता का माहौल है, क्योंकि उन्हें जंग में खींचे जाने का डर है।
सऊदी अरब पर हमले
हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच स्थिति तेजी से बिगड़ रही है। हाल ही में विद्रोहियों ने सऊदी अरब के आभा और किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमले किए, जिसमें दो महिलाओं सहित तीन लोगों की मौत हो गई और 36 लोग घायल हुए। इसके अलावा, रियाद में भी धमाकों की आवाज सुनी गई। विद्रोहियों ने लोगों से तेल सुविधाओं और एयरपोर्ट को खाली करने की चेतावनी दी है।