पैराग्वे में डिजिटल बैंक के पतन से राजनीतिक और आर्थिक संकट गहरा
डिजिटल बैंक का संकट
दक्षिण अमेरिका के पैराग्वे में एक डिजिटल बैंक के अचानक बंद होने से वित्तीय और राजनीतिक संकट उत्पन्न हो गया है। 3 नवंबर को सुबह, ग्राहकों ने अपने खातों में कोई राशि नहीं पाई और उनके खातों तक पहुंच भी बंद कर दी गई। इस घटना के बाद, बैंक के 30 लाख से अधिक ग्राहकों में आक्रोश फैल गया है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि राष्ट्रपति की कुर्सी भी खतरे में पड़ गई है।
महाभियोग की मांग
विपक्षी सांसदों ने राष्ट्रपति सैंटियागो पेना के खिलाफ महाभियोग की मांग की है। उनका आरोप है कि राष्ट्रपति ने पेंशन फंड का दुरुपयोग किया और महत्वपूर्ण जानकारी को छिपाया। इसके अलावा, उन पर हितों के टकराव का भी आरोप लगाया गया है।
बैंक का अचानक बंद होना
मंगलवार की सुबह, डिजिटल बैंक का एप काम करना बंद कर दिया। जब ग्राहक बैलेंस चेक करने गए, तो उन्हें संदेश मिला कि 'हम बैलेंस नहीं दिखा सकते हैं।' यह बैंक, जिसका नाम यूनो (Ueno) है, पिछले तीन वर्षों में तेजी से बढ़ा था। पैराग्वे के प्रमुख फुटबॉल क्लब की स्पॉन्सरशिप ने इसे लोकप्रियता दिलाई थी। लेकिन अचानक, देश की आधी आबादी की जमा पूंजी संकट में आ गई।
गिरफ्तारी और इस्तीफे
यूनो बैंक के आठ अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है और उनकी संपत्तियों को जब्त करने का आदेश दिया गया है। इस बीच, वित्तीय संकट के कारण केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष ने भी इस्तीफा दे दिया है। यूनो के सीईओ मिगुएल वाज़क्वेज़ को भी गिरफ्तार किया गया है।
बंद होने का कारण
यूनो बैंक के अचानक बंद होने का मुख्य कारण इसकी सॉल्वेंसी रेश्यो में भारी कमी आना था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह आंकड़ा 50 प्रतिशत से भी कम हो गया था। इसके बाद, केंद्रीय बैंक ने इसे अपने नियंत्रण में ले लिया और बैंक को बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
जनता का गुस्सा
पैराग्वे की जनता सड़कों पर उतर आई है। बैंक के मुख्यालय के बाहर भीड़ इकट्ठा हो गई है। लोग अपनी जमा पूंजी की मांग कर रहे हैं और कई स्थानों पर आगजनी की घटनाएं भी हुई हैं। हजारों लोग सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।
राष्ट्रपति का संबंध
राष्ट्रपति सैंटियागो पेना एक अर्थशास्त्री हैं और 2023 में राष्ट्रपति बने। रिपोर्टों के अनुसार, वे ग्रुपो वाजक्वेज में शेयरधारक थे, जो यूनो बैंक का नियंत्रण रखता है। यूनो पहले लोन देने वाला बैंक था, लेकिन बाद में यह डिजिटल बैंक में परिवर्तित हो गया।