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CIA के दस्तावेज़ों में 9/11 से पहले की खुफिया जानकारी का खुलासा

9/11 आतंकी हमलों की 25वीं वर्षगांठ पर, CIA ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज़ जारी किए हैं, जिनमें ओसामा बिन लादेन से जुड़ी खुफिया जानकारी शामिल है। इन दस्तावेज़ों में बिन लादेन की गतिविधियों, हमलों की योजनाओं और 1999 के कंधार विमान अपहरण संकट से संबंधित जानकारी का उल्लेख है। यह जानकारी बिन लादेन के खिलाफ संभावित कार्रवाई की चेतावनी देती है और 9/11 से पहले और बाद की खुफिया रिपोर्टों का एक महत्वपूर्ण संग्रह प्रस्तुत करती है।
 

9/11 आतंकी हमलों की 25वीं वर्षगांठ पर महत्वपूर्ण दस्तावेज़


नई दिल्ली: 9/11 हमलों की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर, अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA ने कई महत्वपूर्ण राष्ट्रपति दैनिक सूचना दस्तावेज़ों को सार्वजनिक किया है। इन दस्तावेज़ों में अल कायदा के प्रमुख ओसामा बिन लादेन से संबंधित उस समय की खुफिया जानकारी शामिल है। इनमें एक ऐसा दस्तावेज़ भी है, जिसमें 1999 के अंत में कंधार विमान अपहरण संकट के बाद तालिबान द्वारा बिन लादेन को सुरक्षा बढ़ाने की सलाह देने का उल्लेख है।


3 जनवरी 2000 को तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के लिए तैयार किए गए एक दस्तावेज़ में बताया गया कि तालिबान ने पिछले सप्ताह बिन लादेन को सुरक्षा मजबूत करने की सलाह दी थी। खुफिया आकलन में यह चिंता जताई गई थी कि कंधार में चल रहे बंधक संकट का उपयोग बिन लादेन के खिलाफ कार्रवाई के लिए किया जा सकता है।


यह घटनाक्रम इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट 814 के अपहरण से जुड़ा था, जो 24 दिसंबर 1999 को काठमांडू से दिल्ली आ रही थी। इस उड़ान को हरकत-उल-मुजाहिदीन के आतंकवादियों ने हाईजैक कर लिया था और इसे कंधार ले जाया गया। संकट 31 दिसंबर को समाप्त हुआ, जब भारत ने तीन आतंकवादियों को रिहा किया।


बिन लादेन की गतिविधियों का विवरण

कई देशों में हमलों की योजना का जिक्र


CIA द्वारा जारी दस्तावेज़ों में बिन लादेन की गतिविधियों और उसकी संभावित हमलों की योजनाओं के बारे में कई पुराने आकलन शामिल हैं। 28 अगस्त 1998 के एक दस्तावेज़ में कहा गया था कि वह मिस्र और अरब प्रायद्वीप के अलावा भारत, पाकिस्तान, युगांडा और संभवतः नाइजीरिया में हमले की योजना बना रहा था। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया था कि उत्तरी अमेरिका, यूरोप और पूर्वी एशिया में उसके नेटवर्क की मौजूदगी से अमेरिकी हितों को खतरा हो सकता है।


रासायनिक और परमाणु सामग्री जुटाने का दावा


13 फरवरी 1998 की रिपोर्ट, जो इस संग्रह में सबसे पुरानी मानी जाती है, में दावा किया गया था कि बिन लादेन और अन्य इस्लामी चरमपंथियों ने रासायनिक, जैविक और परमाणु सामग्री हासिल करने के तरीकों पर चर्चा की थी। दस्तावेज़ में बिन लादेन के कारोबारी संपर्कों और वित्तीय संसाधनों का भी उल्लेख था, जो ऐसी सामग्री प्राप्त करने में सहायक हो सकते थे।


9/11 से पहले की खुफिया रिपोर्ट

हमले की आशंकाएं


10 सितंबर 1998 के एक अन्य पीडीबी में चेतावनी दी गई थी कि चरमपंथी विस्फोटकों से भरे विमान का उपयोग अमेरिका के किसी शहर को निशाना बनाने के लिए कर सकते हैं। हालांकि, उसी रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि उपलब्ध खुफिया जानकारी बिन लादेन की भविष्य की योजनाओं के बारे में कोई ठोस निष्कर्ष नहीं देती थी। दस्तावेज़ों में यह भी उल्लेख था कि बिन लादेन ने अमेरिका पर हमले के लिए वाशिंगटन को प्राथमिक लक्ष्य बताया था।


हमलों के बाद की खुफिया रिपोर्ट


CIA द्वारा जारी संग्रह का अंतिम दस्तावेज़ 12 सितंबर 2001 का है, यानी अमेरिका में 11 सितंबर के हमलों के अगले दिन तैयार किया गया था। इसमें कहा गया कि अफगानिस्तान और फारस की खाड़ी में कुछ सुन्नी चरमपंथियों को बिन लादेन के नेतृत्व में होने वाले हमलों की जानकारी होने के संकेत मिले थे।


रिपोर्ट में अफगानिस्तान के चरमपंथी नेटवर्क के बीच किसी संभावित अभियान की जानकारी होने और बिन लादेन के काबुल जाने की संभावना का भी उल्लेख किया गया। कुल मिलाकर, ये दस्तावेज़ 9/11 से पहले और उसके तुरंत बाद अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के आकलनों की तस्वीर पेश करते हैं।