Davos में Trump ने Modi की तारीफ की, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की उम्मीदें बढ़ीं
Davos में Trump का सकारात्मक संदेश
नई दिल्ली : स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच के दौरान, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्त किया। अपने संबोधन के बाद भारतीय मीडिया से बातचीत में, ट्रंप ने बताया कि अमेरिका और भारत एक बेहतर और संतुलित व्यापार समझौते की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उनके इस बयान को दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में नई ऊर्जा के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
ट्रंप की मोदी के प्रति सराहना
प्रधानमंत्री मोदी के लिए ट्रंप की खुली सराहना
ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा करते हुए उन्हें "बेहतरीन शख्स" और "अच्छा दोस्त" कहा। उन्होंने यह भी कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान मजबूत की है और अमेरिका भारत के साथ दीर्घकालिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच व्यापार को लेकर कुछ मतभेद उभरे थे।
टैरिफ विवादों के बाद बातचीत में तेजी
टैरिफ विवादों के बाद फिर आगे बढ़ी बातचीत
पिछले वर्ष भारत-अमेरिका व्यापार वार्ताएं किसी ठोस समझौते पर नहीं पहुंच पाई थीं। इसके बाद अगस्त में अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक कर दिया था, जिसमें रूस से तेल खरीदने के कारण लगाया गया अतिरिक्त शुल्क भी शामिल था। फिर भी, दोनों देशों ने संवाद का रास्ता बंद नहीं किया और अब व्यापार समझौते को लेकर बातचीत में तेजी आ रही है।
कूटनीतिक स्तर पर संपर्क
कूटनीतिक स्तर पर लगातार संपर्क
हाल के दिनों में भारत और अमेरिका के शीर्ष नेताओं और अधिकारियों के बीच निरंतर संपर्क बना हुआ है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उनके अमेरिकी समकक्ष के बीच व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज और परमाणु सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई है। अमेरिकी राजनयिकों ने संकेत दिया है कि दोनों देश किसी व्यापक समझौते की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।
2030 तक व्यापार का लक्ष्य
2030 तक 500 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य
भारत और अमेरिका ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर से अधिक करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। व्यापार असंतुलन को कम करने के लिए, भारत ने अमेरिका से ऊर्जा और रक्षा उपकरणों की खरीद बढ़ाने का आश्वासन दिया है। दावोस में ट्रंप के हालिया बयान से यह संकेत मिलता है कि भविष्य में दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों में नई गति आ सकती है और लंबे समय से अटके मुद्दों पर सहमति बनने की संभावना बढ़ गई है।