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Donald Trump का बड़ा बयान: होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर अमेरिका का नियंत्रण!

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर अमेरिका के नियंत्रण का दावा किया है। उन्होंने ईरान को कमजोर बताते हुए कहा कि अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी को कोई चुनौती नहीं दे सकता। इस जलडमरूमध्य का वैश्विक ऊर्जा बाजार पर महत्वपूर्ण प्रभाव है, और ट्रंप के बयान ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। जानें इस मुद्दे पर और क्या चल रहा है, और क्या कूटनीति किसी समाधान की ओर बढ़ रही है।
 

ट्रंप का दावा: अमेरिका का होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर पूरा नियंत्रण


नई दिल्ली: ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने मंगलवार को ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिका का होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर "पूर्ण नियंत्रण" है। ट्रंप ने ईरान को कमजोर बताते हुए अपने पोस्ट का अंत किया, "अल्लाह की तारीफ़ हो!"


ट्रंप का पोस्ट: 'स्टील की दीवार'

ट्रंप ने लिखा, "अमेरिका का होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर पूरा नियंत्रण है। मुझे विश्वास है कि हम इसे बनाए रखेंगे! हमारी नौसैनिक नाकेबंदी को सभी 'स्टील की दीवार' कह रहे हैं, और ईरान इसके खिलाफ कुछ नहीं कर सकता।"


उन्होंने ईरान पर निशाना साधते हुए कहा, "उनके पास केवल फेक न्यूज़ और 300% महंगाई है, और स्थिति और बिगड़ रही है! ईरान केवल बातें करता है, कोई ठोस कदम नहीं उठाता। अब वह मध्य पूर्व का दादा नहीं रहा। अल्लाह की तारीफ़ हो! राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप।"


होर्मुज़ जलडमरूमध्य का महत्व

होर्मुज़ जलडमरूमध्य ईरान और ओमान के बीच एक संकरा समुद्री मार्ग है, जहां से दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा तेल गुजरता है। यहां किसी भी प्रकार की रुकावट का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार, शिपिंग बीमा दरों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।


ईरान ने कई बार चेतावनी दी है कि यदि उस पर दबाव बढ़ा तो वह इस मार्ग को बंद या बाधित कर सकता है। हाल के हफ्तों में ईरान, इज़राइल और अमेरिकी सेनाओं के बीच टकराव के बाद यह चिंता और बढ़ गई है कि कहीं बड़ा क्षेत्रीय युद्ध न छिड़ जाए।


पर्दे के पीछे की बातचीत

ट्रंप के इस बयान से पहले, अमेरिका ने खाड़ी में अपनी नौसैनिक मौजूदगी को मजबूत किया है। वाशिंगटन का कहना है कि समुद्र में आवाजाही की स्वतंत्रता उनकी प्राथमिकता है। इस बीच, अमेरिका और तेहरान के बीच पर्दे के पीछे अप्रत्यक्ष बातचीत भी चल रही है।


दोनों देश होर्मुज़ संकट को कम करने और शिपिंग को सामान्य करने के लिए शर्तों पर चर्चा कर रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने युद्ध और प्रतिबंधों से हुए नुकसान का मुआवजा मांगा है, जिसे ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से खारिज कर दिया है।


पाकिस्तान ने सोमवार को कहा था कि अमेरिका और ईरान तनाव कम करने के लिए किसी समझौते के करीब हैं, लेकिन अभी कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। बातचीत से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि प्रतिबंध हटाने, सुरक्षा गारंटी और तनाव कम करने के कदमों के क्रम को लेकर अब भी बड़े मतभेद हैं।


ट्रंप के "कंट्रोल" वाले दावे और "अल्लाह की तारीफ़" के साथ किए गए पोस्ट ने मौजूदा तनाव में और ईंधन डाल दिया है। अब देखना होगा कि बयानबाजी के बीच कूटनीति कोई रास्ता निकाल पाती है या नहीं।