Donald Trump की भारत को चेतावनी: क्या रूसी तेल खरीद से बढ़ेंगे टैरिफ?
ट्रंप की नाराजगी का कारण
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने पर अपनी असहमति व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस बात का पूरा ज्ञान था कि वह इस मुद्दे से खुश नहीं हैं। ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि भारत ने रूसी तेल की खरीद जारी रखी, तो अमेरिका भारतीय उत्पादों पर टैरिफ बढ़ा सकता है।
ट्रंप का बयान क्या था?
जनवरी 2026 में एयर फोर्स वन पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा, "पीएम मोदी एक बहुत अच्छे व्यक्ति हैं। उन्हें पता था कि मैं खुश नहीं हूं। मेरे लिए उन्हें खुश रखना महत्वपूर्ण था। भारत हमारे साथ व्यापार करता है, और हम उन पर जल्दी टैरिफ बढ़ा सकते हैं।" ट्रंप का स्पष्ट संकेत था कि यदि भारत रूसी तेल की खरीद को रोकता है, तो संबंध बेहतर हो सकते हैं।
टैरिफ का प्रभाव
पिछले वर्ष अमेरिका ने भारत पर 25 प्रतिशत सामान्य टैरिफ लगाया था। इसके अतिरिक्त, रूसी तेल की खरीद के कारण 25 प्रतिशत का जुर्माना जोड़ा गया, जिससे कुछ उत्पादों पर कुल शुल्क 50 प्रतिशत तक पहुंच गया। इस कदम ने भारत और अमेरिका के व्यापार में तनाव को बढ़ा दिया है। ट्रंप का कहना है कि इन टैरिफ के कारण भारत ने रूसी तेल की खरीद में कमी की है।
मोदी और ट्रंप की बातचीत
ट्रंप का यह बयान प्रधानमंत्री मोदी के साथ फोन पर हुई बातचीत के कुछ हफ्ते बाद आया है, जिसमें दोनों नेताओं ने व्यापार बढ़ाने पर जोर दिया था, भले ही टैरिफ के मुद्दे पर मतभेद हों। उसी दिन दोनों देशों के अधिकारी टैरिफ समस्या को सुलझाने के लिए नई वार्ता शुरू कर रहे थे।
अन्य मुद्दों पर ट्रंप की चेतावनी
फोन कॉल से पहले व्हाइट हाउस में एक बैठक में अमेरिकी किसानों ने भारत द्वारा चावल सस्ते में बेचने की शिकायत की। ट्रंप ने तब भारतीय चावल पर नए टैरिफ लगाने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि टैरिफ से समस्याएं जल्दी हल हो जाती हैं।
भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता की स्थिति
दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते की बातचीत चल रही है, लेकिन यह रुकी हुई है। अमेरिका चाहता है कि भारत अमेरिकी कृषि उत्पादों पर शुल्क कम करे, जबकि भारत अपने किसानों और डेयरी क्षेत्र की रक्षा करना चाहता है। रूसी तेल का मुद्दा इन वार्ताओं में एक बड़ा रोड़ा बना हुआ है।