G-7 बैठक में ट्रंप का मजेदार बयान: 'मैं ही बॉस हूं' और इसके पीछे की सियासी कहानी
ट्रंप का बयान सोशल मीडिया पर छाया
नई दिल्ली: G-7 नेताओं की अंतिम दिन की बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बयान तेजी से वायरल हो गया। जब ट्रंप पेरिस के एक रिजॉर्ट में बैठक कक्ष में पहुंचे, तो उन्होंने सभी नेताओं की ओर देखते हुए कहा, 'आई एम द बॉस।' इसके बाद उन्होंने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की पीठ पर थपथपाई।
रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप बैठक में सबसे अंत में पहुंचे थे, जबकि फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी सहित अन्य प्रमुख नेता पहले से ही अपनी जगह ले चुके थे। ट्रंप ने आते ही हल्के-फुल्के अंदाज में खुद को बॉस घोषित कर दिया।
ट्रंप का बयान और उसके सियासी मायने
ट्रंप का बयान क्यों है अहम
हालांकि ट्रंप का यह बयान मजाकिया प्रतीत होता है, लेकिन इसके पीछे गहरे सियासी अर्थ छिपे हैं। वर्तमान में G-7 देशों को अमेरिका की आवश्यकता है। यूरोप रूस के दबाव में है, और जापान जैसे देश चीन की बढ़ती ताकत का सामना कर रहे हैं।
बैठक में सदस्य देशों ने रूस पर नए प्रतिबंध लगाने की मांग की, जिसे ट्रंप ने स्वीकार कर लिया है। अमेरिका ने यूक्रेन को 1 अरब डॉलर की सहायता देने और हथियार निर्माण की अनुमति देने का भी ऐलान किया है। इस संदर्भ में ट्रंप का 'मैं ही बॉस हूं' कहना G-7 में अमेरिका की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।
बैठक में शामिल नेता
कौन-कौन था मीटिंग में मौजूद
पेरिस में आयोजित G-7 बैठक में ट्रंप के अलावा फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, जर्मन चांसलर मर्ज, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और जापान की प्रधानमंत्री सना तकाएची शामिल हुए।
इसके अतिरिक्त, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की, यूएई के राष्ट्रपति अल नाहयान, कतर के अमीर थानी और मिस्र के राष्ट्रपति अल सीसी को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था।
G-7 बैठक का महत्व
G-7 की बैठक का महत्व
G-7 में शामिल अधिकांश देश रूस और चीन के खिलाफ खड़े हैं। वर्तमान में यूरोप रूस के साथ युद्ध में उलझा हुआ है। ईरान में शांति समझौते के बाद अमेरिका का ध्यान अब यूक्रेन-रूस युद्ध पर केंद्रित है। यूरोपीय देश चाहते हैं कि यूक्रेन की शर्तों पर रूस के साथ शांति समझौता हो।
16 जून को मैक्रों ने ट्रंप और जेलेंस्की के साथ एक बंद कमरे में बैठक की, जिसमें युद्ध समाप्त करने के लिए डील पर चर्चा हुई। G-7 देशों की कोशिश है कि जल्द से जल्द यूक्रेन युद्ध को समाप्त किया जाए और यूरोप में स्थिरता लाई जाए। ट्रंप का यह बयान भले ही मजाक में आया हो, लेकिन यह दर्शाता है कि G-7 में अमेरिका अब भी नेतृत्व की भूमिका में है।