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G7 समिट में पीएम मोदी की भागीदारी: वैश्विक नेताओं के साथ महत्वपूर्ण चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस में हो रहे G7 समिट में भाग लिया, जहां उन्होंने प्रमुख वैश्विक नेताओं के साथ महत्वपूर्ण चर्चा की। इस सम्मेलन में भारत की उपस्थिति को वैश्विक स्तर पर भरोसे का प्रतीक माना गया है। पीएम मोदी ने व्यापार समझौतों पर डोनाल्ड ट्रंप के साथ बातचीत की और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ हल्के-फुल्के पल साझा किए। जानें इस सम्मेलन का महत्व और भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका के बारे में।
 

प्रधानमंत्री मोदी की G7 समिट में उपस्थिति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस में चल रहे G7 समिट से अपनी कुछ तस्वीरें साझा की हैं। इन तस्वीरों में वह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी जैसे प्रमुख वैश्विक नेताओं के साथ दिखाई दे रहे हैं। जैसे ही ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की गईं, वे तेजी से वायरल हो गईं।


G7 समिट का महत्व

अपने पोस्ट में पीएम मोदी ने उल्लेख किया कि वह अन्य देशों के नेताओं के साथ G7 समिट में शामिल हुए हैं, जहां सभी मिलकर विश्व में समृद्धि, स्थिरता और मानव कल्याण को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रहे हैं। यह सम्मेलन वैश्विक आर्थिक मुद्दों और देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


ट्रंप और मोदी के बीच महत्वपूर्ण वार्ता

समिट के दौरान पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच मुलाकात हुई। दोनों नेताओं को हाथ मिलाते और बातचीत करते हुए देखा गया। यह मुलाकात उस समय हुई है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर चर्चा चल रही है। दोनों नेताओं की पिछली मुलाकात फरवरी 2025 में वॉशिंगटन में हुई थी।


मेलोनी के साथ हल्के-फुल्के पल

G7 समिट में जब नेता पारंपरिक ग्रुप फोटो के लिए एकत्र हुए, पीएम मोदी ने कई नेताओं से बातचीत की। इस दौरान उनकी इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से भी मुलाकात हुई, जहां दोनों के बीच हंसी-मजाक का माहौल बना। एक वीडियो में मेलोनी पीएम मोदी से कहती हैं, 'आपसे फिर मिलकर अच्छा लगा।' पीएम मोदी भी हल्की मुस्कान के साथ कुछ कहते हुए नजर आए।


भारत की वैश्विक भूमिका पर जोर

पीएम मोदी ने कहा कि भारत की G7 में उपस्थिति इस बात का संकेत है कि विश्व भारत पर भरोसा करता है। यह लगातार आठवां अवसर है जब भारत को इस शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत केवल अपने हितों की बात नहीं करता, बल्कि 'ग्लोबल साउथ' यानी विकासशील देशों की आवाज को भी मजबूती से वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करता है।