इजरायल की सायेरेत मटकल: एक अद्वितीय स्पेशल यूनिट की कहानी
इजरायल की स्पेशल यूनिट का गठन
इजरायल ने अपने अस्तित्व के प्रारंभिक दिनों से ही मध्य-पूर्व में कई प्लेन हाईजैकिंग घटनाओं का सामना किया। इन घटनाओं से चिंतित होकर, इजरायल ने एक विशेष यूनिट बनाने का निर्णय लिया। यह यूनिट बाद में ऑपरेशन एंटेबे जैसे कई महत्वपूर्ण अभियानों में शामिल हुई और कई इजरायली नागरिकों की जान बचाई। इस यूनिट का संबंध इजरायल के कई प्रधानमंत्रियों, मोसाद, शिन बेट और आईडीएफ के प्रमुखों से रहा है।
सायेरेत मटकल: दुनिया की बेहतरीन स्पेशल फोर्स
इजरायल की इस विशेष यूनिट को 'सायेरेत मटकल' के नाम से जाना जाता है, जिसे यूनिट 269 के नाम से भी जाना जाता है। इसे दुनिया की सबसे प्रभावशाली स्पेशल फोर्सेज में से एक माना जाता है। इसके कमांडो ने कई अद्भुत अभियानों के माध्यम से दुनिया को चकित कर दिया है।
यूनिट का गठन और कार्य
साल 1957 में सायेरेत मटकल का गठन हुआ, जिसका प्राथमिक कार्य क्षेत्रीय खुफिया जानकारी इकट्ठा करना था। समय के साथ, इसकी भूमिका में बदलाव आया और इसे दुश्मनों का पीछा करने और सीमाओं के पार टोही अभियानों का कार्य सौंपा गया।
हाईजैकिंग के खिलाफ लड़ाई
1960 के दशक में, फिलिस्तीन मुक्ति संगठन के सदस्यों ने प्लेन हाईजैकिंग का सहारा लेना शुरू किया, जिससे इजरायल चिंतित हो गया। इस स्थिति में, सायेरेत मटकल को बंधकों को बचाने और आतंकवाद के खिलाफ अभियान चलाने का कार्य सौंपा गया। इस यूनिट ने अपने साहस और शौर्य का प्रदर्शन करते हुए कई बंधकों को सुरक्षित रूप से छुड़वाया।
महत्वपूर्ण अभियानों में भागीदारी
सायेरेत मटकल ने कई महत्वपूर्ण अभियानों में भाग लिया, जैसे कि योम किप्पुर युद्ध, पहले और दूसरे लेबनान युद्ध। इसकी गुप्तता के कारण, इस यूनिट की क्षमताओं और कार्यों के बारे में बहुत कम जानकारी उपलब्ध है।
प्रमुख ऑपरेशन
- ऑपरेशन गिफ्ट (1968)
- ऑपरेशन रूस्टर (1969)
- ऑपरेशन आइसोटोप (1972)
- ऑपरेशन स्प्रिंग ऑफ यूथ (1973)
- ऑपरेशन थंडरबोल्ट (1976)
- ऑपरेशन शार्प एंड स्मूथ (2006)
प्रधानमंत्रियों का संबंध
इजरायल के वर्तमान प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और पूर्व प्रधानमंत्रियों एहूद बराक और नफ्ताली बेनेट ने इस यूनिट में कमांडो के रूप में सेवा की है। इसके अलावा, आईडीएफ के पूर्व प्रमुख शाऊल मोफाज और मोशे यालोन भी इस यूनिट का हिस्सा रहे हैं।
फ्लाइट सबेना 571 का ऑपरेशन
1972 में, सबेना एयरलाइन की फ्लाइट 571 को अगवा किया गया था। सायेरेत मटकल ने बंधकों को बचाने के लिए ऑपरेशन आइसोटोप चलाया। इस ऑपरेशन में कुछ बंधकों की जान गई, लेकिन अधिकांश को सुरक्षित बचा लिया गया।
ऑपरेशन एंटेबे
1976 में, एयर फ्रांस की फ्लाइट को आतंकियों ने अगवा किया और युगांडा ले गए। सायेरेत मटकल ने 103 बंधकों को बचाने के लिए एक अद्वितीय ऑपरेशन चलाया, जिसमें केवल 58 मिनट में सभी हाईजैकर्स को समाप्त कर दिया गया।
लेबनान में ऑपरेशन
1973 में, एहूद बराक के नेतृत्व में 'ऑपरेशन स्प्रिंग ऑफ यूथ' चलाया गया, जिसमें फिलिस्तीन लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन के ठिकानों पर हमला किया गया। इस ऑपरेशन में कई प्रमुख नेताओं को मार दिया गया।