इजरायल चुनाव में विदेशी हस्तक्षेप के आरोप: कतर पर संदेह
इजरायल के चुनावों में विदेशी प्रभाव का आरोप
इजरायल के राजनीतिक दलों ने चुनावों में विदेशी शक्तियों के हस्तक्षेप का आरोप लगाया है। सेंट्रल इलेक्शन कमेटी के अध्यक्ष जस्टिस नोआम सोहलबर्ग ने शिन बेट को इस मामले की जांच करने का निर्देश दिया है। कतर पर सबसे अधिक संदेह जताया जा रहा है। इजरायली मीडिया और राजनीतिक दलों का कहना है कि कतर ने अरब मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए इजरायल में भारी मात्रा में धन भेजा। हालांकि, कतर की सरकार ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। चुनाव पैनल के निदेशक ने कहा है कि बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी के आरोप निराधार प्रतीत होते हैं।
नेतन्याहू का आरोप और विपक्ष की प्रतिक्रिया
नेतन्याहू और उनके गठबंधन ने चुनावों में धांधली का आरोप लगाया है। विपक्षी दलों ने इस मामले की गहन जांच की मांग की है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल संदेह है। जब तक संदेह साबित नहीं होते, तब तक चुनाव परिणामों को प्रभावित करने का कोई प्रयास नहीं किया जाना चाहिए।
कतर की प्रतिक्रिया
कतर के विदेश मंत्रालय ने इजरायल के आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि पहले नेतन्याहू को खरीदने का आरोप लगाया गया, फिर इजरायली वामपंथियों को और अब अरब मतदाताओं को खरीदने का। कतर ने यह भी कहा कि यदि ये आरोप सच होते, तो इजरायल पूरी तरह से कतर का होता।
विपक्षी नेताओं की चेतावनी
विपक्षी नेता आइजेनकोट ने चेतावनी दी है कि विदेशी साजिश के नाम पर राजनीतिक लाभ नहीं उठाना चाहिए। उन्होंने हेरफेर से बचने के लिए पूरी ताकत लगाने की बात कही। आइजेनकोट ने डेमोक्रेट्स के अध्यक्ष याइर गोलान से मुलाकात की, जिसे सरकार गठन की प्रक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।
इजरायल का राजनीतिक समीकरण
बेंजामिन नेतन्याहू के गुट में लिकुड, शास, यूनाइटेड तोराह जूडाइज्म, ओत्ज़मा यहूदी और रिलीजियस जायोनिज़्म पार्टियां शामिल हैं। इस गठबंधन को 53 सीटें मिली हैं, जो बहुमत के लिए आवश्यक 61 से आठ कम हैं। आइजेनकोट के गुट में याशर, बी'याचद, डेमोक्रेट्स और यिसराइल बेयतेनु जैसी पार्टियां शामिल हैं, जिन्हें कुल 48 सीटें मिली हैं।
किंगमेकर कौन?
नफ़्ताली बेनेट की बी'याचद पार्टी और यूसुफ जबरीन की जॉइंट लिस्ट को क्रमशः 12 और 11 सीटें मिली हैं। इजरायली मीडिया के अनुसार, नेतन्याहू के गुट में शामिल यूनाइटेड तोराह जूडाइज्म पार्टी गादी आइजेनकोट की सरकार को बाहर से समर्थन दे सकती है। अरब पार्टियां, जैसे रा'आम और जॉइंट लिस्ट, चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।