ईरान के पुल पर हमले के बाद अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया
ईरान के पुल पर बमबारी का असर
अमेरिका और इजरायल ने ईरान के कराज में स्थित सबसे बड़े पुल को बमबारी कर नष्ट कर दिया है। इस हमले के बाद ईरान ने प्रतिशोध की चेतावनी दी है और मध्य पूर्व में स्थित आठ पुलों की सूची जारी की है, जिन्हें वह भविष्य में निशाना बना सकता है।
बी1 पुल का महत्व
जो पुल नष्ट हुआ है, उसे बी1 पुल कहा जाता है। इसे इस वर्ष जनता के लिए खोला जाना था, और यह पुल राजधानी तेहरान को कराज शहर से जोड़ने वाला था। ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस हमले में आठ लोगों की मृत्यु हुई है और 95 अन्य घायल हुए हैं।
ईरान की प्रतिक्रिया
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) से संबंधित फार्स न्यूज एजेंसी ने उन पुलों की सूची जारी की है, जिन्हें निशाना बनाने की योजना बनाई गई है। यदि ईरान वास्तव में इन पुलों पर हमला करता है, तो इससे क्षेत्र में व्यापक तबाही हो सकती है। अब तक, हमले मुख्य रूप से तेल-गैस और डेटा केंद्रों पर केंद्रित रहे हैं, लेकिन नागरिक ढांचे को भी निशाना बनाया जा सकता है।
निशाने पर पुल
ईरान द्वारा संभावित निशाने पर पुल
- कुवैत में शेख जाबेर अल-अहमद अल-सबाह पुल
- सऊदी अरब और बहरीन को जोड़ने वाला किंग फहद कॉजवे
- संयुक्त अरब अमीरात में शेख जायद पुल और अल मकता पुल
- जॉर्डन में किंग हुसैन पुल, दामिया पुल, शेख खलीफा पुल और अब्दौन पुल
ट्रंप की चेतावनी
अभी बहुत कुछ होना बाकी है: ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कराज पुल पर हमले का वीडियो साझा करते हुए कहा कि ईरान का सबसे बड़ा पुल ढह गया है और इसे फिर से कभी नहीं बनाया जा सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अभी और भी बहुत कुछ होना बाकी है। ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान में जो कुछ भी बचा है, उसे नष्ट करने की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है। पहले पुलों पर और फिर बिजली संयंत्रों पर हमले की योजना है। ईरान का नेतृत्व जानता है कि क्या करना है और इसे जल्द से जल्द करना होगा।