×

कराची में आतंकवादी हमले से पाकिस्तान में बढ़ी चिंता

पाकिस्तान में कराची के सिंध रेंजर्स मुख्यालय पर हुए आतंकी हमले ने देश को हिला कर रख दिया है। इस हमले में चार अर्धसैनिक बल के जवानों की जान गई और छह आतंकवादी मारे गए। हमले की जिम्मेदारी जमात-उल-अहरार ने ली है, जो टीटीपी का एक चरमपंथी गुट है। यह घटना पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच हुई है। जानें इस हमले के पीछे की कहानी और इसके संभावित प्रभाव।
 

पाकिस्तान में आतंकवाद का नया हमला

पाकिस्तान, जो लंबे समय से भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है, अब खुद आतंकवाद के शिकार हो गया है। कराची में हाल ही में हुए एक आतंकी हमले ने देश को हिला कर रख दिया है। इस हमले में सिंध रेंजर्स के मुख्यालय को निशाना बनाया गया, जहां पाकिस्तानी सेना ने छह आतंकवादियों को मार गिराया और एक घायल हमलावर को जिंदा पकड़ लिया।


हमले में जानमाल का नुकसान

इस हमले में चार अर्धसैनिक बल के जवानों की भी जान गई। अधिकारियों के अनुसार, यह हमला प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान से जुड़े जमात-उल-अहरार द्वारा किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, आतंकवादी शनिवार रात लगभग 8:30 बजे कराची के गुलिस्तान-ए-जौहर क्षेत्र में पहुंचे, जहां उन्होंने रेंजर्स के मुख्यालय पर हमला किया।


90 मिनट तक चली मुठभेड़

करीब 90 मिनट तक चली इस मुठभेड़ में स्पेशल सिक्योरिटी यूनिट (SCU) और एंटी टेरर फोर्स (ATF) ने रेंजर्स के साथ मिलकर आतंकवादियों का सामना किया। इस दौरान छह आतंकवादी मारे गए और एक को जीवित पकड़ लिया गया।


जिम्मेदार संगठन का खुलासा

सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया और स्थानीय निवासियों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी। इस हमले की जिम्मेदारी जमात-उल-अहरार ने ली है, जो टीटीपी का एक चरमपंथी गुट है। यह संगठन पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सक्रिय है और नागरिकों तथा सुरक्षा बलों पर हमले करता रहा है।


पाकिस्तान के लिए चिंता का विषय

यह हमला अक्टूबर 2024 के बाद कराची में हुआ पहला बड़ा आतंकी हमला है। इससे पहले, कराची हवाई अड्डे के पास हुए आत्मघाती विस्फोट में दो चीनी इंजीनियरों की मौत हो गई थी, जिसकी जिम्मेदारी बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने ली थी।


आतंकवादियों की रणनीति

आतंकवादियों ने एक वाहन का उपयोग करके रेंजर्स मुख्यालय के मुख्य गेट को तोड़ा और अंदर घुसते ही हथगोले फेंके, जिससे कई धमाके हुए। सिंध के पुलिस महानिरीक्षक जावेद आलम ओधो ने बताया कि हमले में तीन रेंजर्स की मौत हुई है।


भविष्य की चुनौतियाँ

यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव बढ़ रहा है। पाकिस्तान की सेना और खुफिया एजेंसियां तालिबान सरकार पर टीटीपी को सुरक्षित ठिकाने देने का आरोप लगाती रही हैं। इसके जवाब में, पाकिस्तान की सेना ने अफगानिस्तान में टीटीपी के ठिकानों पर कई बार कार्रवाई की है।