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दुबई से इजरायल जा रही फ्लाइट में हाईजैकिंग की कोशिश, भारतीय पायलट ने बचाई यात्रियों की जान

दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में एक हाईजैकिंग की कोशिश हुई, जिसमें भारतीय पायलट कैप्टन स्मित माछर ने अद्वितीय साहस का परिचय दिया। इस घटना में 180 यात्रियों की जान बचाने के लिए उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इजरायली अधिकारियों ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है, जबकि सऊदी अरब में संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है। जानें इस दिलचस्प घटना के बारे में और क्या हुआ।
 

हाईजैकिंग की कोशिश का मामला

बुधवार को दुबई से इजरायल के तेल अवीव के लिए उड़ान भरने वाली फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट में हाईजैकिंग की कोशिश की गई, जैसा कि इजरायली मीडिया और अधिकारियों ने बताया। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने पुष्टि की कि को-पायलट ने विमान पर नियंत्रण पाने का प्रयास किया था। इस उड़ान में 180 यात्री सवार थे, जिनमें कई इजरायली नागरिक शामिल थे। एक भारतीय पायलट के साहसिक कार्य ने सभी की जान बचा ली। एक वायरल वीडियो में इस पायलट की प्रशंसा की जा रही है।


फ्लाईदुबई का बयान

फ्लाईदुबई ने कहा है कि अभी तक की जांच में को-पायलट के इरादे के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच झगड़ा हुआ, जिसमें ओमानी मूल का को-पायलट विमान पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश कर रहा था।


हमले का विवरण

आरोपी ने कॉकपिट में खिड़की तोड़ने के लिए कुल्हाड़ी का इस्तेमाल किया और साथी पायलट पर हमला किया। इस बीच, एक महिला जो शौचालय गई थी, ने कॉकपिट में कुछ असामान्य देखा। बाद में, चालक दल के एक इजरायली सदस्य ने कॉकपिट में प्रवेश किया। माना जा रहा है कि भारतीय पायलट ने इस दौरान कॉकपिट का दरवाजा खोला।


कैप्टन स्मित माछर की बहादुरी

भारतीय पायलट का नाम कैप्टन स्मित माछर है। उन्होंने लगभग 10 वर्षों तक स्पाईजेट में काम किया और पिछले चार साल से फ्लाईदुबई के साथ हैं। उनके पास बोइंग 737 उड़ाने का 13 वर्षों का अनुभव है। हमले के दौरान वह गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन यात्रियों ने उनकी बहादुरी की सराहना की।


सऊदी अरब में स्थिति

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बताया कि संदिग्ध पायलट को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया है। सऊदी अधिकारी उससे पूछताछ कर रहे हैं। फ्लाईदुबई ने यात्रियों को तेल अवीव पहुंचाने के लिए एक विमान भेजा, लेकिन कुछ यात्रियों ने यात्रा करने से मना कर दिया। इसके बाद इजरायल ने सैन्य विमान भेजने की योजना बनाई, लेकिन सऊदी अरब ने इजरायल के विमान को उतरने की अनुमति नहीं दी।